
अगस्त 2025 में भारत का एक्सपोर्ट 6.7 प्रतिशत बढ़कर 35.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि इंपोर्ट 10.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61.59 अरब डॉलर पर आ गया। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से ये जानकारी मिली। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने गोल्ड के इंपोर्ट में लगभग 57 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आने से देश का वस्तु व्यापार घाटा 26.49 अरब डॉलर पर सीमित रहा, जो पिछले साल अगस्त में 35.64 अरब डॉलर था। टैरिफ से जुड़े विवादों के बावजूद अमेरिका भारत का टॉप एक्सपोर्ट
डेस्टिनेशन बना रहा।
अगस्त में अमेरिका एक्सपोर्ट किया गया 6.86 अरब डॉलर का सामान
अगस्त में 7.15 प्रतिशत (सालाना आधार पर) की बढ़ोतरी के साथ 6.86 अरब डॉलर का सामान अमेरिका को एक्सपोर्ट किया गया। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 3.24 अरब डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर और नीदरलैंड 1.83 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत के एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन में चीन (1.21 अरब डॉलर) चौथे स्थान पर रहा जबकि ब्रिटेन (1.14 अरब डॉलर) का स्थान 5वां रहा। हालांकि, इंपोर्ट के मामले में चीन 10.91 अरब डॉलर के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद रूस (4.83 अरब डॉलर), यूएई (4.66 अरब डॉलर), अमेरिका (3.6 अरब डॉलर) और सऊदी अरब (2.5 अरब डॉलर) का स्थान रहा।
पिछले महीने 9.88 अरब डॉलर पर रहा व्यापार घाटा
अगस्त में वस्तुओं और सेवाओं के एक्सपोर्ट की कुल कीमत 69.16 अरब डॉलर रही, जबकि इंपोर्ट 79.04 अरब डॉलर रहा। इस तरह देश का व्यापार घाटा 9.88 अरब डॉलर रहा। चालू वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों (अप्रैल-अगस्त 2025) में देश का कुल एक्सपोर्ट (वस्तुओं और सेवाओं) 6.18 प्रतिशत बढ़कर 349.35 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के इसी अवधि में 329.03 अरब डॉलर था। पिछले महीने के महत्वपूर्ण एक्सपोर्ट कैटेगरी में इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स (9.9 अरब डॉलर), पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स (4.48 अरब डॉलर), इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स (2.93 अरब डॉलर), दवाएं (2.51 अरब डॉलर) रत्न और आभूषण (2.31 अरब डॉलर) शामिल रहीं। आयात के मामले में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स (13.26 अरब डॉलर), इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स (9.73 अरब डॉलर), केमिकल (2.49 अरब डॉलर), वनस्पति तेल (2 अरब डॉलर), कोयला और कोक (2 अरब डॉलर), फर्टिलाइजर (1.65 अरब डॉलर) टॉप पर रहे।
सोने के इंपोर्ट में भारी-भरकम गिरावट
अगस्त महीने में सोने का आयात 56.67 प्रतिशत घटकर 5.43 अरब डॉलर रह गया। पिछले साल अगस्त में ये 12.55 अरब डॉलर था। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त, 2025 में सर्विस एक्सपोर्ट 34.06 अरब डॉलर और सर्विस इंपोर्ट 17.45 अरब डॉलर रहा। अप्रैल-अगस्त, 2025 में सर्विस एक्सपोर्ट 165.22 अरब डॉलर और इंपोर्ट 84.25 अरब डॉलर रहा, जिससे 80.97 अरब डॉलर का सर्विस ट्रेड सरप्लस बना। पिछले साल की समान अवधि में ये आंकड़ा 68.25 अरब डॉलर था।





































