
राष्ट्रीय राजमार्ग
भोपाल: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर और तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल होने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि इंदौर को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से जोड़ने वाले गलियारे पर एक महत्वाकांक्षी राजमार्ग का निर्माण कार्य इस साल के आखिर तक पूरा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट से न केवल यात्रा में समय की बचत होगी बल्कि क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं पर भी प्रभावी लगाम लगाएगी।
कब तक पूरा होगा काम
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी श्रवण कुमार सिंह ने निर्माण कार्य के निरीक्षण के बाद संवाददाताओं को बताया कि मध्यप्रदेश में बन रहे इंदौर-इच्छापुर राष्ट्रीय राजमार्ग का काम इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि चार लेन वाले राजमार्ग के कारण इंदौर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बीच यात्रा सुगम हो जाएगी। सिंह ने बताया, ”इस राजमार्ग के कारण इंदौर से महाराष्ट्र के जलगांव होते हुए हैदराबाद के बीच भी गाड़ियों की आवाजाही सुगम होगी।” इस फोरलेन राजमार्ग के शुरू होने से न केवल हैदराबाद और महाराष्ट्र के जलगांव तक की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा। इंदौर से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब सफर कम समय में और अधिक आरामदायक होगा।
तीन सुरंगों का निर्माण
अधिकारियों ने बताया कि राजमार्ग के तहत इंदौर के तेजाजी नगर से खरगोन जिले के बलवाड़ा के बीच 33.40 किलोमीटर लंबे खंड में निर्माण कार्य काफी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि यह रास्ता दुर्गम पहाड़ी इलाकों और तीखे ढलान वाले घाटों से होकर गुजरता है। उन्होंने बताया कि इस खंड पर घाट सेक्शन को समाप्त करके सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक ब्लास्टिंग तकनीक से तीन सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है।
सुरक्षित और सुगम यात्रा
अधिकारियों ने बताया कि इनमें 575 मीटर लंबी भेरूघाट सुरंग, 550 मीटर लंबी चोरल घाट सुरंग और 480 मीटर लंबी बाईग्राम सुरंग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन सुरंगों के निर्माण से वाहन चालकों को ढालदार, संकरे और जोखिमपूर्ण रास्तों से मुक्ति मिलेगी तथा राजमार्ग पर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाया जा केगा।







































