
बेंगलुरु स्थित एयरोस्पेस स्टार्टअप सरला एविएशन ने सोमवार को अपने बेंगलुरु विनिर्माण केंद्र में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी कार्यक्रम के तहत ग्राउंड टेस्टिंग की शुरुआत की घोषणा की। कंपनी का लक्ष्य 2028 तक बेंगलुरु में इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग यानी eVTOL आधारित एयर टैक्सी सेवाएं शुरू करना है, जो शहरों में ट्रैफिक जाम से राहत प्रदान करेगी। इस महत्वपूर्ण कदम के साथ कंपनी का एयर टैक्सी प्रोग्राम डिजिटल डिजाइन और लैब प्रयोगों से आगे बढ़कर वास्तविक विमान-स्तरीय परीक्षण चरण में प्रवेश कर चुका है।
मात्र नौ महीनों में कम लागत में तैयार
सरला एविएशन का हाफ-स्केल डेमॉन्स्ट्रेटर SYLLA SYL-X1 (7.5 मीटर विंगस्पैन) भारत में निजी क्षेत्र द्वारा विकसित सबसे बड़ा और उन्नत eVTOL माना जा रहा है। यह मात्र नौ महीनों में कम लागत में तैयार किया गया, जो कंपनी की मजबूत इंजीनियरिंग क्षमता और तेज निष्पादन को दर्शाता है। SYL-X1 को संरचनात्मक मजबूती, प्रोपल्शन सिस्टम एकीकरण और सिस्टम-लेवल सुरक्षा की जांच के लिए डिजाइन किया गया है। इसे शुरू से ही सर्टिफिकेशन मानकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो भविष्य के 15 मीटर विंगस्पैन वाले फुल-स्केल विमान की आधारशिला बनेगा।
इस साल जनवरी में भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो में कंपनी ने अपना प्रोटोटाइप एयर टैक्सी ‘शून्य’ पेश किया था, जो हेलीकॉप्टर-स्तरीय उड़ान क्षमता के साथ इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन से लागत, संचालन जटिलता और सुरक्षा जोखिमों को कम करने पर केंद्रित है।
कुल 13 मिलियन डॉलर जुटाए
फंडिंग के मामले में सरला एविएशन ने 2024 में प्री-सीड एवं सीड राउंड्स और जनवरी 2025 में सीरीज-ए के माध्यम से कुल 13 मिलियन डॉलर (लगभग 116 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। सीरीज-ए राउंड का नेतृत्व Accel ने किया, जिसमें निखिल कामथ (ज़ेरोधा सह-संस्थापक), बिन्नी बंसल (फ्लिपकार्ट सह-संस्थापक) जैसे प्रमुख निवेशक शामिल हैं।अक्टूबर 2023 में एड्रियन श्मिट, राकेश गांवकर और शिवम चौहान द्वारा स्थापित इस स्टार्टअप को वैश्विक eVTOL अनुभव और भारतीय इंजीनियरिंग का अनोखा संयोजन मिला है।
कंपनी का फोकस सबसे पहले
कंपनी ने अगस्त 2025 में पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव राजीव बंसल को सलाहकार के रूप में भी शामिल किया। सह-संस्थापक एवं सीटीओ राकेश गांवकर ने कहा कि हमारा फोकस सबसे पहले होना नहीं, बल्कि टिकाऊ और सर्टिफाइड तकनीक विकसित करना है। हम पूरी तरह भारत में डिजाइन, निर्मित और संचालित एविएशन प्लेटफॉर्म बना रहे हैं।”यह उपलब्धि भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल करती है जो औद्योगिक स्तर पर अगली पीढ़ी की वर्टिकल फ्लाइट तकनीक विकसित कर रहे हैं। सरला एविएशन की यह पहल शहरी गतिशीलता को नई दिशा देगी और ट्रैफिक की समस्या का स्थायी समाधान प्रस्तुत करेगी।





































