
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को ईरान में फंसे भारतीयों की स्थिति को लेकर अहम जानकारी शेयर की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार उन भारतीयों की मदद कर रही है, जो अजरबैजान और आर्मेनिया जाना चाहते हैं और फिर वहां से फ्लाइट्स लेकर वापस अपने घर लौटना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ऐसे लोगों के लिए वीजा उपलब्ध कराने में मदद कर रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार ईरान में फंसे भारतीयों को लैंड बॉर्डर क्रॉस करने में भी मदद कर रही है, ताकि वे युद्ध से ग्रस्त ईरान से बाहर निकल सकें।
भारतीयों को भारतीय दूतावास द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करने की सलाह
रणधीर जायसवाल ने मीडिया के साथ बातचीत करते हुए कहा, “ईरान में लगभग 9000 भारतीय नागरिक थे या हैं। इन 9000 भारतीयों में छात्र, नाविक, बिजनेसमैन, प्रोफेशनल और कुछ तीर्थयात्री शामिल हैं। इनमें से कई भारतीय नागरिक, ज्यादातर स्टूडेंट्स, ईरान छोड़कर वापस अपने घर पहुंच चुके हैं। हमने राजधानी तेहरान में मौजूद कई भारतीय नागरिकों को देश के दूसरे सुरक्षित जगहों और शहरों में शिफ्ट किया है, जिनमें ज्यादातर छात्र और तीर्थयात्री शामिल हैं। सरकार ने ईरान में कई भारतीय नागरिकों से संपर्क किया है और हमने उन्हें अजरबैजान और आर्मेनिया जाने और फिर वहां से फ्लाइट्स लेकर वापस भारत लौटने में मदद की है।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उन सभी भारतीय नागरिकों को भारतीय दूतावास द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है, जो जमीनी बॉर्डर के रास्ते ईरान छोड़ना चाहते हैं।
ईरान में सैकड़ों लोगों की हो चुकी है मौत
बताते चलें कि इजारायल और अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त हमले की शुरुआत की थी। जिसके बाद ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए थे। 3 देशों के बीच शुरू हुए इस युद्ध ने सभी खाड़ी देशों को भी अपनी चपेट में ले लिया। कई दिन बीत जाने के बावजूद, ईरान समेत खाड़ी देशों में हालात अभी बहुत बेहतर नहीं हैं। अमेरिका और इजरायल रुक-रुककर ईरान के अलग-अलग इलाकों में मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में ईरान में काफी संख्या में लोगों की मौतें हो चुकी हैं।






































