
पूर्व रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) गवर्नर उर्जित पटेल को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। कर्मचारी मंत्रालय के आदेश में यह बात कही गई है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, पटेल ने 4 सितंबर 2016 को RBI के 24वें गवर्नर के तौर पर पद संभाला था। हालांकि, व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने अपने कार्यकाल को पूरा किए बिना ही इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल 10 दिसंबर 2018 को खत्म हुआ, जो उनके इस्तीफे के अगले दिन था।
तीन साल के लिए संभालेंगे पद
खबर के मुताबिक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने अर्थशास्त्री और पूर्व RBI गवर्नर उर्जित पटेल को तीन वर्षों की अवधि के लिए IMF के कार्यकारी निदेशक पद पर नियुक्ति की मंजूरी दी है। यह नियुक्ति आदेश 28 अगस्त को जारी किया गया। उर्जित पटेल 1990 के बाद पहले केंद्रीय बैंक गवर्नर हैं जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पद छोड़ने का निर्णय लिया। पटेल IMF में पहले भी कार्यरत रह चुके हैं। वे RBI के डिप्टी गवर्नर भी रह चुके हैं और 1996-1997 के दौरान IMF से डीप्यूटेशन पर केंद्रीय बैंक में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

उर्जित पटेल की नियुक्ति को लेकर जारी पत्र।
उस समय उन्होंने कर्ज़ बाजार के विकास, बैंकिंग सुधार, पेंशन फंड सुधार और विदेशी मुद्रा बाजार के विकास में महत्वपूर्ण सलाह दी। इसके अलावा, वे 1998 से 2001 तक वित्त मंत्रालय (आर्थिक मामलों के विभाग) के सलाहकार भी रह चुके हैं। सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया है।
लंबा अनुभव रखते हैं उर्जित पटेल
1963 में जन्मे पटेल ने 1998 से 2001 तक वित्त मंत्रालय में सलाहकार के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में भी कई कार्यभार संभाले, जिनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईडीएफसी लिमिटेड, एमसीएक्स लिमिटेड और गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम शामिल हैं। पटेल ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 1986 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एम.फिल. की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 1990 में येल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद, वे आईएमएफ में शामिल हो गए और 1990 से 1995 तक अमेरिका, भारत, बहामास और म्यांमार के डेस्कों को कवर करते हुए वहां कार्यरत रहे।







































