
नवीन पटनायक
भुवनेश्वर: नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) के अंदरूनी हालात राज्यसभा चुनावों के दौरान खुलकर सामने आ गए। लंबे अर्से तक सत्ता में रही इस पार्टी के बिखरने के संकेत मिल रहे हैं। ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के दौरान इसके विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की जिससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय चुनाव जीतने में सफल रहे। वहीं इस ‘क्रॉस-वोटिंग’ के एक दिन बाद मंगलवार को विपक्षी बीजू जनता दल (BJD) ने अपने छह विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। पार्टी ने उनके कृत्य को ”विश्वासघात” करार दिया है।
20 मार्च तक मांगा जवाब
BJD की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने चक्रमणि कन्हार (बालीगुडा), नबा किशोर मलिक (जयदेव), सौविक विश्वाल (चौद्वार-कटक), सुबासिनी जेना (बस्ता), रमाकांत भोई (तिरतोल) और देवी रंजन त्रिपाठी (बांकी) को पत्र लिखकर 20 मार्च को शाम पांच बजे तक जवाब देने को कहा है। पत्र में मलिक ने कहा कि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर यह मान लिया जाएगा कि उनके पास कोई स्पष्टीकरण नहीं है और पार्टी कानून तथा बीजद के संविधान एवं नियमों के अनुसार एकतरफा कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी।
राज्य में सोमवार को राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव हुआ। भाजपा ने दो सीट जीतीं, बीजद को एक सीट मिली और एक सीट पर दिलीप राय विजयी रहे। इस बीच, तिरतोल से BJD विधायक रमाकांत भोई ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में दावा किया कि मतदान से एक रात पहले उन्हें उनके आवास से जबरन लाकर नवीन निवास में रखा गया। भोई ने कहा, ”मेरे बार-बार कहने के बावजूद मुझे रात में भी नवीन निवास परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। मैंने उनसे (पार्टी नेताओं से) पूछा कि उन्हें मेरा वोट चाहिए या मुझे वहीं रोकना है। मैंने साफ कह दिया था कि अगर मुझे जाने नहीं दिया गया, तो मैं उन्हें वोट नहीं दूंगा।”
कांग्रेस ने तीन विधायकों को सस्पेंड किया
बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय के पक्ष में मतदान करने और उन्हें राज्यसभा चुनाव जीतने में मदद करने पर अपने तीन विधायकों को मंगलवार को सस्पेंड कर दिया। इन विधायकों में सनाखेमुंडी के रमेश चंद्र जेना, मोहना के दशरथी गोमांगो और बाराबती-कटक की सोफिया फिरदौस शामिल हैं। पार्टी के अनुसार, इन विधायकों ने सोमवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान राय के पक्ष में वोट दिया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, ”इन विधायकों से इस तरह के विश्वासघात की उम्मीद नहीं थी। हम सुनिश्चित करेंगे कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उन्हें विधानसभा से अयोग्य घोषित किया जाए।”




































