
पीएम मोदी से हाथ मिलाते हुए अनिमेष पाटनी।
पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन संदूर चलाया’ और पाकिस्तान स्थित9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इस ऑपरेशन में बारां जिले के कुंजेड गांव के बेटे और जांबाज ग्रुप कैप्टन अनिमेश पाटनी का भी बड़ा योगदान रहा है। अनिमेश पाटनी को भारत सरकार की ओर से गैलंट्री अवॉर्ड ‘वीर चक्र’ दिया गया है। पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में दिया गया। ग्रुप कैप्टन अनिमेष को युद्ध काल के तीसरे सबसे बड़े अवॉर्ड वीर चक्र मिलने पर बारां में खुशी की लहर है।
अनिमेष ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर सफलतापूर्वक एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया। उनकी टीम ने मुरीदके और बहावलपुर में आतंकवादी संगठनों के मुख्यालय और पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
2010 में भी दिखाया था साहस
अनिमेष की वीरता का उदाहरण 2010 में भी देखने को मिला था। जोधपुर एयरबेस पर तैनाती के दौरान उनके मिग-27 विमान में उड़ान के दौरान ब्लास्ट हो गया। तब उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को आबादी वाले क्षेत्र से दूर पाली जिले के जैतपुर गांव की ओर मोड़ दिया। विमान वहीं क्रैश हुआ और बड़ी जनहानि टल गई। इस दौरान उन्होंने पैराशूट से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई थी।
कोटा में हुई पढ़ाई, असम में पहली पोस्टिंग
अनिमेष पाटनी का जन्म 25 जनवरी 1984 को कोटा में हुआ। उन्होंने कोटा के सेंट पॉल स्कूल से 12वीं तक अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उनका चयन नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) खड़गवासला, पुणे में हुआ। साल 2004 में पास आउट होने के बाद 2005 में उनकी पहली पोस्टिंग असम के छबवा एयरफोर्स बेस पर हुई। वर्तमान में वे जालंधर के नजदीक आदमपुर एयरबेस में ग्रुप कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं।
PM मोदी ने दी थी शाबाशी
अनिमेष के पिता केके पाटनी सार्वजनिक निर्माण विभाग कोटा में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान वे गांव से परिवार के साथ यहां शिफ्ट हो गए थे ऐसे में अनिमेष भी परिवार के साथ कोटा ही रहे। स्कूल पढ़ाई पूरी होने के बाद उनका सलेक्शन एनडीए में हो गया और 3 साल उन्होंने पुणे में ट्रेनिंग ली। इसके बाद लेफ्टिनेंट के रूप में एयरफोर्स में उनका कमीशन हो गया था। बाद में वे देश में कई जगह पर पदस्थापित रहे। उन्होंने कई ऑपरेशन भी किए हैं।
6-7 मई 2025 की रात जब इंडियन एयरफोर्स ने एयर स्ट्राइक करते हुए पाकिस्तान में सैकड़ों किलोमीटर अंदर तक आतंक की पनाह पर हमला किया था। इसके बाद पीएम मोदी आदमपुर एयरबेस गए थे, तब उन्होंने अनिमेष और अन्य जांबाज अधिकारी और सैनिकों से मुलाकात की थी। पीएम मोदी ने अनिमेष और उनकी टीम को शाबाशी भी दी थी।
परिवार में कौन-कौन हैं?
2020 में अनिमेष के पिता का निधन हो गया था। उनके परिवार में तीन भाई बहन हैं। दोनों बड़ी बहनें जॉब करती हैं। एक बहन हैदराबाद और दूसरी अजमेर में डॉक्टर हैं। परिवार में तीनों भाई बहिनों में अनिमेष सबसे छोटे हैं। अनिमेश वर्तमान में अपनी पत्नी वर्दनी, मां अनिला और 13 वर्षीय बेटी वामिका के साथ पंजाब ही रहते हैं। वह तीज-त्यौहार पर अपने गांव कुंजेड आते-जाते हैं।







































