
कोप्पल में हनुमान मंदिर में संतो के बीच विवाद।
कर्नाटक के कोप्पल जिले के अंजनाद्री पहाड़ी पर मौजूद प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में एक बड़ा ही हैरान कर देने वाला वाकया देखने को मिला। यहां मंदिर में दो संतों के बीच हाथापाई हो गई। इस घटना के बीच पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मंदिर के संचालक और प्रधान पुजारी बाबा विद्यादास ने आरोप लगाया कि गोविंदानंद स्वामी नामक एक संत मंदिर के संचालन को अपने नियंत्रण में लेना चाहते हैं। अपने समर्थकों के साथ वह पहाड़ी पर पहुंचे और मंदिर पर कब्जा करने की कोशिश की।
क्या है पूरा मामला?
अंजनाद्री पहाड़ी पर मौजूद प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहीं पर पवन पुत्र हनुमान का जन्म हुआ था। रामायण में कर्नाटक के मौजूद इस जगह का वर्णन किष्किंधा के रूप में किया गया है। विद्यादास बाबा ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि गोविंदानंद स्वामीजी ने उन्हें अपशब्द कहे और पूजा कार्य में बाधा डाली। इस संबंध में उन्होंने ग्रामीण पुलिस थाने में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है।
पूजा व्यवस्थाओं को लेकर विवाद
इस घटना को लेकर कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में तनाव का माहौल बना, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को समझाकर विवाद शांत कराया। बताया जा रहा है कि गोविंदानंद स्वामीजी ने हाल ही में अत्यंत ऊंची हनुमान प्रतिमा की स्थापना को लेकर रथयात्रा आयोजित की थी, लेकिन अब मंदिर की पूजा व्यवस्थाओं को लेकर विवाद खड़ा हुआ है।
पुलिस ने शुरू की जांच
गोविंदानंद स्वामी की ओर से कहा गया कि शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने उन्हें किष्किंधा भूमि का कार्यभार सौंपा है। महंत विद्यादास बाबा आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं और मंदिर नहीं छोड़ रहे हैं। पुलिस शिकायत में महंत विद्यादास ने स्वामी गोविंदानंद पर फोर्जरी का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और मामले की जांच की जा रही है। इस झगड़े ने अंजनाद्री के आंजनेय मंदिर की मर्यादा और माहौल पर असर डाला है तथा स्थानीय भक्तों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।
ये भी पढ़ें- भारतीय डाक से अयोध्या भेजी गई भगवान श्री राम की 800 किलो की पेंटिंग, सोने और रत्नों से है जड़ित, देखें Video
न बारिश न बर्फबारी… शिमला-मनाली में इस बार भी सूखी सर्दी, पर्यटकों की संख्या पर असर





































