दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति तैयार होने में देरी के चलते मौजूदा एक्साइज पॉलिसी को एक साल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह विस्तार 2026-27 के लिए लागू रहेगा। आबकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रिटेल शराब लाइसेंस का रिन्युअल (नवीनीकरण) और नए लाइसेंस पुराने नियमों और शर्तों के तहत ही दिए जाएंगे। इसमें L-6, L-6FG, L-6FE, L-8, L-10, L-14, L-23, L-23F और L-30 कैटेगरी के लाइसेंस शामिल हैं, जो 2025-26 की मौजूदा शर्तों पर ही जारी रहेंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि IMFL, विदेशी शराब, बीयर और देशी शराब की बिक्री से जुड़े विभिन्न लाइसेंसों के लिए अलग-अलग सर्कुलर जल्द जारी किए जाएंगे।
पहले भी बढ़ाई जा चुकी है अवधि
इससे पहले, होटल, क्लब और रेस्टोरेंट के लिए आबकारी लाइसेंस को भी मार्च 2027 तक मौजूदा शर्तों पर बढ़ाया जा चुका है। वहीं, जून 2024 में सरकार ने 2022-23 से लागू ड्यूटी-बेस्ड नीति को 2025-26 तक जारी रखने का फैसला किया था।
दिल्ली में शराब दुकानों की स्थिति
फिलहाल राजधानी में करीब 725 रिटेल शराब दुकानें संचालित हो रही हैं, जिन्हें चार सरकारी एजेंसियां चला रही हैं:
दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी DTTDC
दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन यानी DSCSC
दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी DSIIDC
दिल्ली कंज्यूमर्स कोऑपरेटिव होलसेल स्टोर्स यानी DCCWS
नई नीति पर काम जारी
मौजूदा नीति 2023-24 से लागू है, जब 2022 में निजी खिलाड़ियों को अनुमति देने वाली नई आबकारी नीति को अनियमितताओं के आरोपों के चलते वापस ले लिया गया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को नई नीति का मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता के साथ बेहतर गुणवत्ता की शराब की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। नई नीति को अंतिम रूप देने के लिए गठित मंत्रियों के समूह ने अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं, लेकिन अभी तक इसका अंतिम ड्राफ्ट जारी नहीं किया गया है।




































