चेन्नई में खेले गए अहम मुकाबले में तिलक वर्मा ने आखिरकार वह पारी खेली जिसका इंतजार टीम मैनेजमेंट और फैंस दोनों को था। भारत ने सुपर 8 चरण में जिम्बाब्वे को 72 रन से हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार रखीं, और इस जीत में तिलक की छोटी लेकिन विस्फोटक पारी ने बड़ा अंतर पैदा किया।
गौरतलब है कि इस मुकाबले में भारत ने अपनी बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया था। संजू सैमसन और अक्षर पटेल को शामिल किए जाने के बाद तिलक को उनके सामान्य नंबर 3 की जगह नंबर 6 पर भेजा गया। बता दें कि इससे पहले टूर्नामेंट में उनके स्कोर 25, 25, 25, 31 और 1 रहे थे और स्ट्राइक रेट भी 120 से नीचे था, जिसके चलते उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे।
लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ तस्वीर बदल गई। चेपॉक में खेले गए इस मैच में तिलक ने सिर्फ 16 गेंदों पर नाबाद 44 रन ठोक दिए। उन्होंने तीन चौके और चार छक्के लगाए और 275 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। उनकी और हार्दिक पांड्या के बीच 31 गेंदों में 84 रन की साझेदारी ने भारत को 256/4 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
मैच के बाद तिलक ने साफ कहा कि वह टीम की जरूरत के अनुसार किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार सालों में आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए भी अलग-अलग भूमिकाएं निभाई हैं और भारतीय टीम के लिए भी जहां जरूरत पड़ी, वहां खुद को ढाला है। मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि वह सिर्फ एक बड़ी पारी का इंतजार कर रहे थे और सही समय पर यह मौका मिला है।
इस जीत से भारत का नेट रन रेट बेहतर हुआ है और अब समीकरण साफ है। सुपर 8 का आखिरी मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला जाएगा, जिसे जीतना भारत के लिए अनिवार्य है। हार की स्थिति में टूर्नामेंट से बाहर होना तय होगा, जबकि जीत सीधे सेमीफाइनल का रास्ता खोल देगी।
तिलक वर्मा की यह पारी सिर्फ तेज रन बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि दबाव के क्षण में भूमिका बदलने के बावजूद वह मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते है।






































