
नए साल में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने सरकारी कर्मचारियों को नए साल का तोहफा दिया है। सरकार ने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में 3 से 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार की तरफ से की गई घोषणा को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक तंत्र हमारी शासन व्यवस्था की रीढ़ है, और उनके कल्याण के लिए हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। दिनांक 1 जनवरी 2026 से सातवें वेतनमान में महंगाई भत्ता 55% से बढ़ाकर 58% और छठवें वेतनमान में 252% से बढ़ाकर 257% किया गया है। यह बढ़ोतरी हमारे अधिकारी-कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से राहत देने और उनकी मेहनत व समर्पण का सम्मान करने का प्रयास है।
मूल वेतन के आधार पर गणना
खबर के मुताबिक, महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन और व्यक्तिगत वेतन शामिल है। जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार ने बुधवार को इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया है। बता दें, इससे पहले अगस्त 2025 में महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत हुआ था। अब नई बढ़ोतरी के साथ कर्मचारियों को अतिरिक्त राहत मिलेगी।
कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता
राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि बीते दो सालों में कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इसके तहत ट्रांसफर नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल से जुड़ी व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और कर्मचारी के हित के मुताबिक बनाया गया है। सरकार ने पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समय पर भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, ताकि कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा विधानसभा में पेंशन फंड विधेयक पारित कर छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की एक मजबूत और पारदर्शी कानूनी व्यवस्था भी स्थापित की गई है।
(सिकंदर खान की रिपोर्ट)






































