
उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) ने इस महत्वाकांक्षी लिंक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में गियर बदल दिया है। प्राधिकरण ने अपने हिस्से की 93 हेक्टेयर (करीब 230 एकड़) जमीन की खरीदारी पूरी कर ली है। इस कदम से न केवल एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर प्रयागराज तक का सफर भी घंटों कम हो जाएगा।
इस लिंक एक्सप्रेसवे का खाका कुछ इस तरह तैयार किया गया है कि यह दो बड़े एक्सप्रेसवे का महा-मिलन कराएगा। यह रास्ता बुलंदशहर के स्याना एरिया (गंगा एक्सप्रेसवे पर 44.3 किमी पॉइंट) से शुरू होगा और सीधे यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21 (फिल्म सिटी) के पास आकर जुड़ेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की लंबाई का करीब 20 किलोमीटर का हिस्सा यीडा (YEIDA) के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके बनने के बाद मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर के लोग बिना किसी ट्रैफिक के सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे।
जमीन खरीद के लिए ₹1204 करोड़ का फंड
लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जमीन की कोई कमी न हो, इसके लिए शासन ने पहले ही 1204 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट जारी कर दिया है। यीडा को कुल 16 गांवों की करीब 740 एकड़ भूमि खरीदनी है, जिसमें से 230 एकड़ पर कब्जा लिया जा चुका है। यह लिंक एक्सप्रेसवे कुल 56 गांवों की जमीन पर बनेगा, जिसमें गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर के इलाके शामिल हैं। जमीन मिलने के बाद अब उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) इसके निर्माण काम को गति देगा।
क्यों खास है यह लिंक एक्सप्रेसवे?
यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए एक ग्रोथ इंजन साबित होगा। यह एक्सप्रेसवे सीधे जेवर एयरपोर्ट और प्रस्तावित फिल्म सिटी के पास आकर मिलेगा, जिससे निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। इसके साथ ही, गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए प्रयागराज से आने वाले लोग इस लिंक रोड का उपयोग कर सीधे नोएडा और दिल्ली पहुंच पाएंगे। वहीं, बुलंदशहर और जेवर के आसपास के 56 गांवों में जमीन की कीमतें बढ़ने लगी हैं, जिससे स्थानीय किसानों और निवेशकों को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है।




































