
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास अपना घर बनाने का सपना देखने वालों के लिए नया साल बड़ी खुशखबरी लेकर आ रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) नए साल की शुरुआत में एक बड़ी आवासीय भूखंड योजना लॉन्च करने की तैयारी में है। इस योजना के जरिए न सिर्फ हजारों लोगों को घर बनाने का मौका मिलेगा, बल्कि एयरपोर्ट क्षेत्र में रियल एस्टेट एक्टिविटी को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
YEIDA सेक्टर-5 में पहली बार आवासीय भूखंड योजना लाने जा रहा है। इस सेक्टर में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें से काफी जमीन प्राधिकरण पहले ही खरीद चुका है। प्रस्तावित योजना के तहत करीब 4000 आवासीय भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। ये भूखंड 200 वर्गमीटर, 300 वर्गमीटर और 450 वर्गमीटर के आकार में होंगे। यह योजना नए साल पर लॉन्च की जाएगी, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
सीईओ ने दी जानकारी
YEIDA के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अनुसार, सेक्टर-5 में आवासीय भूखंड योजना को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। नोएडा एयरपोर्ट के पास यह पहली रिहायशी योजना होगी, जिससे इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और निवेश क्षमता दोनों में इजाफा होगा।
अन्य सेक्टरों में प्लॉट
इसके अलावा प्राधिकरण सेक्टर 15सी, 18 और 24ए में भी करीब 973 आवासीय भूखंडों की योजना लाने जा रहा है। इन योजनाओं के लिए यूपी रेरा में पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। रेरा से मंजूरी मिलते ही इन योजनाओं को भी लॉन्च कर दिया जाएगा। इनमें से 755 भूखंड सामान्य श्रेणी के होंगे, जिनका आकार 162 वर्गमीटर से 290 वर्गमीटर के बीच रहेगा। सबसे ज्यादा भूखंड 162 वर्गमीटर (476) और 200 वर्गमीटर (481) श्रेणी में होंगे।
भूखंडों की जबरदस्त मांग
दरअसल, YEIDA क्षेत्र में आवासीय भूखंडों की मांग बेहद ज्यादा है। हालात ऐसे हैं कि कुछ सौ भूखंडों के लिए भी आवेदन करने वालों की संख्या लाखों तक पहुंच जाती है। यही वजह है कि प्राधिकरण की आय का बड़ा हिस्सा भूखंड योजनाओं पर निर्भर करता है। चालू वित्त वर्ष के अंतिम तीन महीनों में रेवेन्यू टारगेट पूरा करने के लिए YEIDA ने आवासीय के साथ-साथ औद्योगिक भूखंड योजना लाने का भी फैसला किया है, जिसके लिए खाली भूखंडों की पहचान की जा रही है।
2009 के बाद बड़ी स्कीम
गौरतलब है कि वर्ष 2009 में YEIDA ने पहली बड़ी आवासीय भूखंड योजना निकाली थी, जिसमें करीब 21 हजार भूखंडों का आवंटन किया गया था। इसके बाद इतनी बड़ी योजना नहीं आई। ऐसे में नए साल में आने वाली 4,000 भूखंडों की यह योजना 2009 के बाद दूसरी सबसे बड़ी आवासीय योजना मानी जा रही है।





































