
अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किए गए 8 आतंकी।
नई दिल्ली: रविवार सुबह देश के अलग-अलग राज्यों से एक साथ आठ आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के बांग्लादेशी मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं। वहीं गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम इन सभी से पूछताछ में जुटी हुई है। पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि पूरा नेटवर्क बांग्लादेश में बैठे हैंडलर शब्बीर अहमद लोन उर्फ राजा उर्फ कश्मीरी चला रहा था। वह भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों का इस्तेमाल कर आतंकी साजिश रच रहा थी।
पूछताछ में हुए अहम खुलासे
आइए जानते हैं कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम की पूछताछ में क्या-क्या बड़े खुलासे हुए हैं-
- मार्च 2025 में उमर फारुक का संपर्क शब्बीर अहमद लोन से हुआ, जिसने उसे कट्टरपंथी बनाया और भारत में लश्कर की गतिविधियों की जिम्मेदारी सौंपी।
- शब्बीर ने प्लानिंग की थी कि भारतीय पहचान पत्र बनाकर रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के जरिए भारत में आतंकी हमले कराए जाएं, ताकि असली पहचान छिपी रहे।
- दिसंबर 2025 में उमर फारुक को भारत के महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों की रेकी करने के ऑर्डर दिए गए। रेकी के बाद वीडियो बनाकर बांग्लादेश में बैठे शब्बीर को भेजे गए।
- सफल रेकी के बाद उमर को बांग्लादेश बुलाया गया, जहां आगे की रणनीति समझाई गई और उसे और बांग्लादेशी युवकों को भर्ती करने का टास्क दिया गया।
- शब्बीर के ऑर्डर पर कोलकाता में एक किराए का ठिकाना लिया गया, जिसे आतंकी गतिविधियों के बेस और हाइडआउट के तौर पर इस्तेमाल किया जाना था।
- उमर को हथियारों की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया था और वह इसके लिए स्थानीय संपर्कों से बातचीत कर रहा था।
- दिल्ली और कोलकाता में प्रो-पाक और प्रो-टेरर पोस्टर चिपकाने की साजिश भी शब्बीर के निर्देश पर रची गई। पोस्टर लगाते समय वीडियो बनाकर उसे भेजे गए, जिसके बाद शब्बीर ने उसे बधाई दी और अन्य जगहों पर भी ऐसा करने को कहा।
- सईदुल इस्लाम नाम का एक अन्य बांग्लादेशी नागरिक, जो फिलहाल किसी दूसरे देश में है, शब्बीर की बांग्लादेश में एंट्री और ठिकाने की व्यवस्था कराने में शामिल था। उसी ने तमिलनाडु मॉड्यूल के सदस्यों की जानकारी शब्बीर और उमर तक पहुंचाई।
- पूछताछ में यह भी सामने आया कि शब्बीर अहमद लोन पहले 2007 में स्पेशल सेल द्वारा हथियारों (AK-47 और ग्रेनेड) के साथ गिरफ्तार हो चुका है और 2018 तक तिहाड़ जेल में बंद रहा।
- गिरफ्तारी के समय उसके संबंध जमात-उद-दावा प्रमुख आतंकी हाफिज सईद और उसके डिप्टी जकी-उर-रहमान लखवी से जुड़े पाए गए थे।
- उसने मुजफ्फराबाद स्थित लश्कर कैंप में दौरा-ए-आम (बेसिक ट्रेनिंग) और दौरा-ए-खास (एडवांस ट्रेनिंग) ली थी।
- फिलहाल ये बांग्लादेश में बैठकर भारत के खिलाफ ऑपरेशन चला रहा था और कथित तौर पर ISI की मदद से बांग्लादेशी युवकों की भर्ती कर आतंकी साजिश को आगे बढ़ा रहा था।
- जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मॉड्यूल भारत में बड़े आतंकी हमलों की तैयारी में था। फिलहाल सभी गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ जारी है।
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