
बेंगलुरु में ग्लोबल कंपनियों की बढ़ती मौजूदगी के बीच एयरोस्पेस दिग्गज एयरबस इंडिया ने ऐसा दांव चला है, जिसका किराया जानकर आप भी चौंक जाएंगे। आईटी हब व्हाइटफील्ड स्थित टाइटेनियम टेक पार्क में कंपनी ने करीब 1.51 लाख वर्गफुट का प्रीमियम ऑफिस स्पेस लीज पर लिया है। शुरुआती किराए के आधार पर देखें तो पूरे लीज पीरियड में यह रकम लगभग 99-100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। दिलचस्प बात यह है कि इतने बड़े और महंगे सौदे के साथ एयरबस इंडिया ने बेंगलुरु के कॉरपोरेट रियल एस्टेट बाजार में कई बड़ी टेक कंपनियों, यहां तक कि एप्पल जैसी दिग्गज कंपनियों के हालिया विस्तार सौदों को भी पीछे छोड़ दिया है।
कितना बड़ा है यह ऑफिस स्पेस?
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डेटा के अनुसार, यह स्पेस व्हाइटफील्ड डेवलपर्स के स्वामित्व वाले टाइटेनियम टेक पार्क में लिया गया है। डील के तहत ग्राउंड, तीसरी और चौथी मंजिल कंपनी को दी गई हैं। तीसरी और चौथी मंजिल का कुल क्षेत्रफल 1,14,955 वर्गफुट है। इन दोनों मंजिलों का किराया 64 रुपये प्रति वर्गफुट तय हुआ है, जिससे शुरुआती मासिक किराया करीब 73.57 लाख रुपये बनता है। इसके साथ 4.75 करोड़ रुपये का सुरक्षा जमा भी दिया गया है। इन मंजिलों के साथ 154 पार्किंग स्लॉट भी शामिल हैं। वहीं, ग्राउंड फ्लोर का क्षेत्रफल 36,755 वर्गफुट है। इसका मासिक किराया 23.52 लाख रुपये और सुरक्षा जमा 1.51 करोड़ रुपये है। यहां 49 पार्किंग स्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं। कुल मिलाकर शुरुआती मासिक किराया करीब 97 लाख रुपये बैठता है।
लंबी अवधि का भरोसा
लीज अवधि 1 नवंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 से अलग-अलग चरणों में शुरू हुई है, जबकि किराया मार्च और मई 2026 से लागू होगा। दोनों लीज 31 अक्टूबर 2034 तक चलेंगी। यानी एयरबस ने बेंगलुरु में लगभग नौ साल की लंबी अवधि के लिए ठोस उपस्थिति दर्ज कराई है।
क्यों खास है यह डील?
व्हाइटफील्ड बेंगलुरु का प्रमुख कमर्शियल और टेक्नोलॉजी कॉरिडोर माना जाता है। यहां ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की मांग लगातार बढ़ रही है, खासकर उन मल्टीनेशनल कंपनी से, जो भारत में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और इंजीनियरिंग हब स्थापित कर रही हैं।






































