
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच दिल्ली हवाई अड्डे पर रविवार को कम से कम 100 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। वहीं, पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट के कारण विमानन कंपनियां परिचालन संबंधी दिक्कतों से जूझ रही हैं। एक सूत्र ने बताया कि प्रस्थान एवं आगमन से संबंधित क्रमश: 60 और 40 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई हैं। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पश्चिम एशिया में बदलती राजनीतिक स्थिति के कारण पश्चिम की ओर जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यवधान या समय-सारिणी में परिवर्तन हो सकता है।”
बता दें कि डायल, राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) का संचालन करती है। यह देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा भी है, जहां प्रतिदिन 1,300 से अधिक उड़ानें संचालित होती हैं।
‘444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द किए जाने की आशंका’
इससे पहले नागर विमानन मंत्रालय ने कहा था कि रविवार को घरेलू एयरलाइन द्वारा 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द किए जाने की आशंका है। नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के मद्देनजर उड़ानों में व्यवधान की पृष्ठभूमि में विमानन हितधारकों की तैयारियों की समीक्षा की थी। मंत्रालय ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, “ईरान और पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के कारण 28 फरवरी को घरेलू एयरलाइन की 410 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका है।”
PACR यात्रियों की चिंताओं पर लगातार रख रहा है नजर
मंत्रालय ने बताया कि यात्रियों की सहायता, एयरलाइन समन्वय और टर्मिनल पर भीड़ प्रबंधन की कड़ी निगरानी की जा रही है और सीनियर अधिकारियों को तैनात किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष यानी PACR यात्रियों की चिंताओं पर लगातार नजर रख रहा है और उनके त्वरित समाधान के लिए सुविधा प्रदान कर रहा है।





































