
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को रेल भवन में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को वंदे भारत ट्रेनों में संबंधित क्षेत्र के स्थानीय व्यंजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। स्थानीय व्यंजन शुरू करने से यात्रियों का अनुभव काफी बेहतर होगा क्योंकि इससे यात्रा के दौरान मिलने वाले खाने में उस क्षेत्र की संस्कृति और स्वाद की झलक मिलेगी। वंदे भारत से शुरू होने वाले स्थानीय व्यंजनों की सुविधा को भविष्य में धीरे-धीरे सभी ट्रेनों में लागू किया जाएगा।
उत्तर की वंदे भारत ट्रेनों में लगभग एक जैसा खाना
उत्तर में चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों अभी लगभग एक जैसा ही खाना उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि, दक्षिण में चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों में स्थानीय भोजन जैसे- इडली, वडा, केसरी, सांभर, उपमा, मेदु वडा, पोंगल आदि शामिल हैं।
नया सिस्टम लागू होने के बाद रोजाना बन रही हैं 5000 नई आईडी
केंद्रीय मंत्री ने ये भी बताया कि फर्जी पहचान के जरिए ट्रेन टिकट बुकिंग पर भारतीय रेलवे की कार्रवाई से काफी शानदार परिणाम मिल रहे हैं। यूजर्स की पहचान स्थापित करने और फर्जी आईडी का पता लगाने के लिए एक सख्त सिस्टम लागू होने के बाद, आईआरसीटीसी वेबसाइट पर रोजाना लगभग 5000 नई यूजर आईडी बनाई जा रही हैं। नए सुधारों से पहले, आईआरसीटीसी वेबसाइट पर रोजाना बनने वाले नई यूजर आईडी की लगभग एक लाख तक पहुंच गई थी।
3.03 करोड़ फर्जी आईआरसीटीसी खातों की पहचान कर निष्क्रिय किए गए
रेलवे की इन कोशिशों से भारतीय रेलवे को 3.03 करोड़ फर्जी खातों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करने में मदद मिली है। इसके अलावा, 2.7 करोड़ यूजर आईडी को या तो अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है या उनकी संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर बंद करने के लिए चिह्नित किया गया है। केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री ने अधिकारियों को ये सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि टिकट सिस्टम में इस स्तर तक सुधार किया जाए, जहां सभी यात्री एक वास्तविक और प्रामाणिक यूजर आईडी के माध्यम से आसानी से टिकट बुक कर सकें।






































