
भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए सस्ती और सुरक्षित यात्रा को और आसान बना दिया है। जनवरी 2026 में शुरू हुई हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ने यात्रियों को हाई‑टेक सुविधाओं के साथ आरामदायक सफर का मौका दिया है। लेकिन सबसे बड़ी खासियत है इसका किराया, जो विदेशों की हाई-स्पीड ट्रेनों की तुलना में 5 गुना तक सस्ता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि भारतीय रेलवे में यात्री किराया किसी ट्रेड सीक्रेट के तहत नहीं आता और सभी विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रेलवे ने यात्रियों को 60,239 करोड़ रुपये का सब्सिडी दिया, यानी औसतन प्रत्येक यात्री को 43% की छूट मिलती है।
टिकट कीमत का ब्रेकअप
टिकट की कीमत का ब्रेकअप पूरी तरह पारदर्शी है, जिसमें मूल किराया, आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क और जीएसटी शामिल हैं। ये सभी विवरण पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम, अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम और मोबाइल ऐप RailOne पर उपलब्ध हैं।
वरिष्ठ नागरिक और महिलाओं को विशेष सुविधा
रेलवे ने यात्रा को और सुविधाजनक बनाने के लिए सीनियर सिटीजन्स, दिव्यांग यात्री, 45 साल से ऊपर की महिलाएं और गर्भवती महिलाओं के लिए प्रायोरिटी लोअर बर्थ का प्रावधान किया है। इसके अलावा स्लीपर, 3rd AC और 2nd AC कोच में अलग‑अलग बर्थ कोटा भी निर्धारित किया गया है। दिव्यांग यात्रियों और उनके सहयात्री के लिए भी विशेष आरक्षण कोटा उपलब्ध है। राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी यह सुविधा लागू है।
वंदे भारत स्लीपर: सुविधाएं और रेट
वंदे भारत स्लीपर में यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जैसे:
- कवच ट्रेन सुरक्षा प्रणाली
- जर्क-फ्री सेमी-परमानेंट कूपलर
- सभी कोच में सीसीटीवी कैमरे
- सील्ड गैंगवे
- इमरजेंसी टॉक‑बैक यूनिट
- बेहतर फायर सेफ्टी मानक
किराया PKM (per kilometre) के आधार पर तय होता है। 3AC क्लास का बेस रेट 2.40 रुपये प्रति किलोमीटर (GST अलग) है। उदाहरण के लिए, 1,000 किलोमीटर की यात्रा में किराया लगभग 2,400 रुपये होगा। सरकार का कहना है कि यह किराया जापान, फ्रांस और चीन जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों से पांच गुना सस्ता है, जहां PKM रेट 7 से 20 रुपये तक हैं।
भारतीय रेलवे का लक्ष्य
रेलवे का मकसद यात्रियों को सस्ती और सुरक्षित यात्रा देना है। टिकट का किराया तय करते समय चलाने की लागत, दूसरी परिवहन सेवाओं से मुकाबला और सेवा की गुणवत्ता को ध्यान में रखा जाता है। रेलवे में सस्ती ट्रेन से लेकर महंगी प्रीमियम ट्रेनें भी चल रही हैं, ताकि हर तरह के यात्री की सुविधा बनी रहे।






































