
वैश्विक संकेतों की कमजोरी और निवेशकों की सतर्कता के बीच शेयर बाजार ने बुधवार को भी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में ही सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर एक समय बीएसई सेंसेक्स 146.86 अंक लुढ़ककर 81,955.24 के लेवल पर कारोबार कर रहा था। इसी समय, एनएसई का निफ्टी भी 40.75 अंक की कमजोरी के साथ 25,128.75 के लेवल पर कारोबार कर रहा था। सभी क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं।
इन प्रमुख शेयरों में दिखा ये उलटफेर
निफ्टी पर आज के कारोबार में ट्रेंट, एसबीआई, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी और ओएनजीसी जैसे प्रमुख शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। ये स्टॉक्स बाजार की गिरावट के बावजूद मजबूती के साथ ट्रेड करते नजर आए। दूसरी ओर,हीरो मोटोकॉर्प, टाइटन कंपनी, टेक महिंद्रा, टाटा मोटर्स और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे निफ्टी पर दबाव बना रहा।
सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, टाटा मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एक्सिस बैंक, टाइटन और कोटक महिंद्रा बैंक प्रमुख रूप से पिछड़ गए। हालांकि, ट्रेंट, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक और एशियन पेंट्स लाभ में रहे।
रुपया 7 पैसे कमजोर हुआ
बुधवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर से 7 पैसे गिरकर 88.80 पर आ गया। टैरिफ और एच-1बी वीजा संबंधी मुद्दों के कारण लगातार विदेशी पूंजी निकासी के बीच इसमें गिरावट आई। पीटीआई की खबर के मुताबिक, विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ में वृद्धि और एच-1बी वीजा शुल्क में वृद्धि के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित होने से रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर के आसपास मंडरा रहा है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 88.80 पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 7 पैसे की गिरावट दर्शाता है। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 88.71 पर भी पहुंच गया।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
पीटीआई की खबर के मुताबिक, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बाजार में एक चिंता का विषय परिसंपत्तियों की ऊंची कीमतें हैं। शेयर, सोना, चांदी, बिटकॉइन, सभी परिसंपत्तियों की कीमतें ऊंची हैं। यह चिंता फेड प्रमुख जेरोम पॉवेल ने कल रोड आइलैंड में अपने भाषण में व्यक्त की। पॉवेल ने मुद्रास्फीति और रोजगार के जोखिमों पर भी जोर दिया, जिससे संकेत मिलता है कि आगे चलकर फेड की नीतियां चुनौतीपूर्ण होंगी।





































