
पीएम नरेंद्र मोदी
79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने 103 मिनट लंबा भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने देश को और सशक्त करने का रोडमैप जनता के सामने रखा और कई नई योजनाओं की भी शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने किसानों के लिए भी कई अहम बातें कहीं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के किसान, भारत के मछुआरे, भारत के पशुपालक। इनसे जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है। भारत अपने किसानों, पशुपालकों, मछुआरों के संबंध में कभी भी कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा।
पीएम मोदी ने लाल किले से किसानों के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी संदेश दिया। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। माना जा रहा है कि भारत ने डेयरी सेक्टर पर अमेरिका के साथ व्यापार करने से मना कर दिया। यह उन अहम वजहों में से एक है, जिसके कारण ट्रंप ने रूसी तेल का बहाना बनाकर भारत पर टैरिफ लगाया है। पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर साफ किया कि वह किसी भी कीमत पर किसानों के हितों के साथ समझौता नहीं करेंगे।
धन धान्य योजना का जिक्र
पीएम मोदी ने अपने भाषण में धन धान्य कृषि योजना का भी जिक्र किया। यह योजना इसी साल जुलाई के महीने में भारत सरकार ने शुरू की है। इसके जरिए उन इलाकों में सरकार किसानों की मदद करेगी, जो कृषि के मामले में पिछड़े हुए हैं। पीएम ने कहा कि सरकार फाइलों में नहीं होनी चाहिए। सरकार देश के नागरिकों की लाइफ में होनी चाहिए। दलित हो, पीड़ित हो, शोषित हो, वंचित हो। उनके लिए सरकारो प्रो एक्टिव हो। प्रो पीपुल हो उस दिशा में हम निरंतर प्रयास करते हैं।
क्या है प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 16 जुलाई, 2025 को स्वीकृत की गई। इस योजना के जरिए उन 100 जिलों में निवेश किया जाएगा, जो कृषि क्षेत्र में सबसे पीछे हैं। इसके जरिए छह साल में 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण बढ़ाना, सिंचाई और भंडारण में सुधार करना और ऋण की सुलभता सुनिश्चित करना है। इसका मुख्य ध्यान कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर होगा। इस योजना के जरिए 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं को एक साथ मिलाकर 1.7 करोड़ किसानों को सीधा लाभ दिया जाएगा। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कोई नई स्कीम नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करती है कि किसानों के लिए चल रही अलग-अलग योजनाओं को लाभ उन तक सही तरीके से पर्याप्त मात्रा में पहुंचे। इसके जरिए जिला स्तरीय योजनाएं जिला कलेक्टरों द्वारा कृषि विश्वविद्यालयों और नीति आयोग के सहयोग से तैयार की जाएंगी। डिजिटल डैशबोर्ड , किसान ऐप और जिला रैंकिंग प्रणाली पारदर्शिता, पहुंच और जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।
यह भी पढ़ें-
बिना नाम लिए Pak और ट्रंप को संदेश… घुसपैठियों को रोकने का ऐलान, पीएम मोदी के भाषण की 20 बड़ी बातें
लाल किले की प्राचीर से PM मोदी ने किया मिशन ‘सुदर्शन चक्र’ का ऐलान, क्या है यह और कैसे करेगा काम?






































