
54 साल के माइकल बरी पेशे से एक न्यूरोलॉजिस्ट थे, जिन्होंने डॉक्टरी छोड़कर आंकड़ों के गणित को अपना लिया था। साल 2007 में मार्केट क्रैश के दौरान बरी के निवेशकों ने 725 मिलियन डॉलर की कमाई कीष जबकि उन्होंने खुद 100 मिलियन डॉलर कमाए। इस क्रैश को लेकर माइकल बरी ने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी। मुकदमों, ऑडिट और अवांछित प्रसिद्धि से थककर उन्होंने अगले साल ही अपना फंड बंद कर दिया। इस साल, बरी ने हाउसिंग क्राइसिस के बाद से AI पर अपना सबसे बड़ा दांव लगाया है, जो इन दिनों बाजार में लगातार तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
Palantir और Nvidia को लेकर माइकल बरी ने की बड़ी घोषणा
जाने-माने निवेशक माइकल बरी ने Palantir और Nvidia के खिलाफ “शॉर्ट पोजिशन” लेने की घोषणा की है। जिसके बाद Palantir, Nvidia, AMD समेत एआई और चिप बनाने वाली तमाम कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। माइकल बरी की घोषणा के बाद मंगलवार को Palantir के शेयर 8 प्रतिशत गिर गए। Nvidia के शेयरों में जहां 4 प्रतिशत की गिरावट आई तो AMD के शेयर 5 प्रतिशत गिर गए। Advantest के शेयरों में 8 प्रतिशत, Renesas Electronics के शेयरों में 6% की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका में भारी गिरावट का सीधा असर एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला।
Samsung और SK Hynix के शेयरों में भी बड़ी गिरावट
Samsung Electronics और SK Hynix के शेयरों में भी करीब 6% की गिरावट देखने को मिली। हालांकि, इन दोनों ही कंपनियों के शेयरों ने इस साल जबरदस्त छलांग लगाई है। जापान की दिग्गज इंवेस्टमेंट कंपनी सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्पोरेशन के शेयरों में 15 प्रतिशत की भयावह गिरावट दर्ज की गई। ये गिरावट सीधे तौर पर अमेरिकी शेयर बाजारों में एआई और चिप से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी-भरकम बिकवाली से जुड़ी हुई थी। माइकल बरी की एक घोषणा ने अमेरिका के साथ-साथ एशियाई बाजारों में भी कोहराम मचा दिया।
ऊंचे वैल्यूएशन ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन
निवेशकों के मन में लगातार इन कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर टेंशन बढ़ रही है। लिहाजा, एआई और चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में प्रॉफिट बुक कर रहे हैं और शेयर बेचकर अपना पैसा निकाल रहे हैं।






































