
कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने नवी मुंबई की तर्ज पर ग्रेटर कानपुर नाम की महत्वाकांक्षी परियोजना को हकीकत में बदलने के लिए तेजी से कदम बढ़ाए हैं। शनिवार को केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने प्रस्तावित 3000 एकड़ क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान जमीन अधिग्रहण, मुआवजा निर्धारण, सर्वे प्रक्रिया और बुनियादी ढांचे की योजना पर गहन चर्चा हुई।
भीमसेन और निर्माणाधीन आउटर रिंग रोड के बीच विकसित की जाएगी परियोजना
ये परियोजना भीमसेन और निर्माणाधीन आउटर रिंग रोड के बीच विकसित की जाएगी। ये क्षेत्र भौंती से मात्र 5 किलोमीटर और भीमसेन रेलवे स्टेशन से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जो इसे कनेक्टिविटी के लिहाज से अत्यंत रणनीतिक बनाता है। रिंग रोड और रेलवे स्टेशन की निकटता से माल ढुलाई, कर्मचारी आवागमन और निवेश आकर्षण में भारी सुविधा होगी।
परियोजना में शामिल किए जाएंगे ये 11 गांव
परियोजना में 11 गांवों को शामिल किया जाएगा, जिनमें सेन पश्चिम पारा, सेन पूरब पारा, पतेहुरी, गोपालपुर, गंभीरपुर, कैथा, सरनेतपुर, डांडे का पुरवा, दुर्जनपुर, इटारा, जामू के नाम हैं। इन गांवों की जमीन का ट्रैवर्स सर्वे (टीएस) और ग्राफिकल सर्वे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। केडीए के पास पहले से कुछ जमीन उपलब्ध है, जबकि बाकी जमीनें काश्तकारों से खरीदी जाएगी। मुआवजे के रूप में वृत्त मूल्य (सर्किल रेट) का चार गुना भुगतान किया जाएगा, जो किसानों के हितों को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कई बड़े मुद्दों पर हुई चर्चा
निरीक्षण के बाद केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय ने बताया कि उपाध्यक्ष के साथ एडीएम वित्त, आईजी स्टांप, सब-रजिस्ट्रार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। इसमें जमीन की वर्तमान बाजार कीमत का आकलन, मुआवजा वितरण की पारदर्शिता और समयबद्ध प्रक्रिया, सर्वे और मैपिंग की तकनीकी तैयारी तथा कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं का त्वरित समाधान जैसे मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
3 थीम पर आधारित होगा औद्योगिक पार्क
परियोजना का हृदय तीन थीम पर आधारित औद्योगिक पार्क हैं, जो 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेंगे। पहला ईवी पार्क (इलेक्ट्रिक व्हीकल हब) इलेक्ट्रिक स्कूटी, बाइक, ई-रिक्शा, ई-ऑटो से लेकर लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों तक का निर्माण; भारत सरकार के ईवी मिशन को मजबूती और स्थानीय स्तर पर तकनीकी नवाचार। दूसरा मेडिसिटी पार्क दवाइयों, फार्मास्युटिकल्स और मेडिकल उपकरणों का उत्पादन; स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और निर्यात क्षमता में वृद्धि। तीसरा एमएसएमई पार्क, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए क्लस्टर डेवलपमेंट, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सुविधाएं, स्थानीय उद्यमियों को सस्ती जगह और तकनीकी सहायता। इन पार्कों से न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, ट्रेनिंग सेंटर्स और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
परियोजना में पूर्ण विकसित आवासीय हब भी शामिल
ग्रेटर कानपुर केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि पूर्ण विकसित आवासीय हब भी होगा। इसमें सभी वर्गों के लिए योजना है। मध्य व उच्च आय वर्ग के लिए एमआईजी, एचआईजी प्लॉट, ग्रुप हाउसिंग, मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट्स; आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के प्लॉट और फ्लैट्स; आधुनिक सुविधाएं जैसे ग्रीन स्पेस, पार्क, स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कम्युनिटी सेंटर। ये क्षेत्र स्मार्ट सिटी मॉडल पर आधारित होगा, जिसमें स्मार्ट रोड, सोलर लाइटिंग, वॉटर रिसाइक्लिंग और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। ऐसे में केडीए ने परियोजना को व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए तीन चरण निर्धारित किए हैं-
चरण 1 (2025-26) जमीन सर्वे, अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, मास्टर प्लान फाइनलाइजेशन
चरण 2 (2026-28) बुनियादी ढांचा विकास, इंडस्ट्रियल पार्क स्थापना, रोड और यूटिलिटी नेटवर्क
चरण 3 (2028 से) आवासीय और कमर्शियल प्रोजेक्ट लॉन्च, निवेशक आकर्षण, उद्घाटन
ग्रेटर कानपुर परियोजना कानपुर को उत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक, आवासीय और कमर्शियल केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। ये न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट देगी, बल्कि निवेशकों, उद्यमियों, घर खरीदारों और नौकरी तलाशने वाले युवाओं के लिए स्वर्णिम अवसर लेकर आएगी।
सांसद ने की थी ग्रेटर कानपुर की पहल
बताते चलें कि कानपुर लोकसभा 43 से भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने चुनाव जीतने के बाद जनता से जो वादे किए थे, उसमें से एक वादा कानपुर को नवी मुंबई और ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर विकसित करना था। जिसके बाद सांसद रमेश अवस्थी ने कई बार मंचों और मीडिया के बीच भी इस बात पर जोर देकर कहा था कि कानपुर जल्द ही ग्रेटर कानपुर कहलाएगा। उन्होंने कई बार स्पष्ट रूप से कहा था कि देश को विकसित बनाने के लिए राज्यों और शहर का विकसित होने जरूरी है, देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सपने का एक केंद्र कानपुर भी कहलाएगा। जिसके बाद KDA की कई मीटिंग्स में भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया साथ ही इस बात का प्रस्ताव भी रखा था। जिसपर अब अमल करने की तैयारी है।





































