
कर्नाटक की सियासी लड़ाई
कर्नाटक में सीएम की कुर्सी को लेकर चल रही सियासी जंग अब सोशल मीडिया तक पहुंच गई है। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट पर जो पोस्ट किया है उससे संकेत मिल रहा है कि सरकार के आधे कार्यकाल के बाद कथित तौर पर पावर शेयरिंग फॉर्मूला को लेकर जैसे-जैसे चर्चाएं तेज हो रही हैं, वैसे-वैसे अंदरूनी तनाव भी सतह पर आता जा रहा है। कर्नाटक सीएम का ताजा पोस्ट शिवकुमार के बयान का जवाब माना जा रहा है।
डीके शिवकुमार ने किया ट्वीट
डीके शिवकुमार ने ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा शब्द शक्ति ही विश्व शक्ति हैदुनिया की सबसे बड़ी ताकत अपनी बात पर कायम रहना है। चाहे वह जज हो, राष्ट्रपति हो या कोई और, चाहे मैं ही क्यों न हूं, सभी को अपनी बात पर चलना ही होगा। शब्द शक्ति ही विश्व शक्ति है।
सिद्धारमैया ने ट्वीट से दिया जवाब
सिद्धारमैया ने अपने ट्वीट में लिखा एक शब्द तब तक शक्ति नहीं है जब तक वह लोगों के लिए दुनिया को बेहतर न बनाए। यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि शक्ति योजना ने हमारे राज्य की महिलाओं को 600 करोड़ से ज़्यादा मुफ़्त यात्राएं प्रदान की हैं। सरकार बनने के पहले महीने से ही, हमने अपनी गारंटियों को शब्दों में नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर अमल में लाया।
सीएम ने गिनाईं उपलब्धियां
मेरे पहले कार्यकाल (2013-18) में, 165 में से 157 वादे पूरे किए गए और 95% से ज़्यादा वादे पूरे किए गए। इस कार्यकाल में, 593 में से 243+ वादे पूरे हो चुके हैं, और बाकी सभी वादे प्रतिबद्धता, विश्वसनीयता और सावधानी के साथ पूरे किए जाएंगे। कर्नाटक की जनता द्वारा दिया गया जनादेश एक क्षणिक नहीं, बल्कि पूरे पांच वर्षों तक चलने वाली ज़िम्मेदारी है। कांग्रेस पार्टी, जिसमें मैं भी शामिल हूँ, अपने लोगों के लिए करुणा, निरंतरता और साहस के साथ अपने वादे पर चल रही है। कर्नाटक के लिए हमारा वचन कोई नारा नहीं है, बल्कि हमारे लिए बहुत मायने रखता है।






































