
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आए हैं। ऐसे में उनकी विदेश यात्राओं के दौरान बरती जाने वाली अत्यधिक सावधानी और गोपनीय उपायों को सुर्खियों में ला दिया है। मेजबान देश अपने स्तर पर व्यवस्थाएं करते हैं, लेकिन पुतिन की यात्राएं अत्यधिक सतर्कता, सख्त लॉजिस्टिक नियंत्रण और एक ऐसे सुरक्षा नेटवर्क से परिभाषित होती हैं, जो बड़े पैमाने पर सार्वजनिक नज़रों से दूर संचालित होता है।
पुतिन की सुरक्षा के जाल
रूस की सबसे गुप्त सुरक्षा एजेंसियों में से एक संघीय सुरक्षा सेवा (FSO), इन सभी व्यवस्थाओं की देखरेख करती है और परिवहन से लेकर व्यक्तिगत सुरक्षा तक हर विवरण की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। पुतिन के दिखाई देने वाले बॉडीगार्ड एक अधिक जटिल सुरक्षा नेटवर्क की मात्र सतह हैं। Modern.az के अनुसार, केजीबी प्रोटोकॉल द्वारा गठित FSO एक विशाल सुरक्षा तंत्र की देखरेख करती है।
कठोर प्रक्रिया के जरिए अंगरक्षकों का चयन
उनके निजी गार्ड एलीट प्रेसिडेंशियल सिक्योरिटी सर्विस (SBP) से आते हैं, जिनका चयन कठोर प्रक्रिया द्वारा किया जाता है। उम्मीदवारों की आयु 35 वर्ष से कम, लंबाई 180 सेंटीमीटर से अधिक होनी चाहिए, वे शारीरिक रूप से फिट, युद्ध के लिए तैयार और मनोवैज्ञानिक रूप से लचीले होने चाहिए। विदेशी भाषा कौशल, गहन पृष्ठभूमि की जांच और वफादारी परीक्षण अनिवार्य हैं।
2023 में रूस से भाग गए पूर्व अंगरक्षक ग्लेब काराकुलोव ने पुतिन की बंद जीवनशैली का जिक्र किया था, जिसमें मोबाइल फोन से परहेज करना और कभी-कभी विशेष ट्रेन से यात्रा करना शामिल है।
तकनीकी तरीके से सुरक्षा
इस नेटवर्क में स्नाइपर, ड्रोन ऑपरेटर, इलेक्ट्रॉनिक-खुफिया विशेषज्ञ और संचार इकाइयां भी शामिल होती हैं।
पुतिन के खान-पान की व्यवस्था
पुतिन के खान-पान की व्यवस्था भी बेहद कड़ी होती है। मुख्य रसोइयों के लिए दस्ताने पहनना, दिन में कई बार वर्दी बदलना और हाथ में किसी भी तरह के कट की जांच करवाना प्राथमिक नियम हैं। राष्ट्रपति की रसोई में प्रवेश करने वाली प्रत्येक सामग्री की सावधानीपूर्वक जांच की जाती है। इन कड़े नियंत्रणों के बावजूद, राष्ट्रपति के लिए तैयार किए गए सभी व्यंजनों को पहले उनके अंगरक्षक चखते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यदि भोजन विषाक्त है, तो उसका असर पहले गार्ड पर हो।
फ़िल्म ‘अवर सर्विस’ में एक शेफ ने बताया, “नेता जहां भी होते हैं, हम वहीं होते हैं। चाहे वह व्यापार यात्रा हो, छुट्टी हो, या कोई निजी समारोह हो, हम हमेशा वहीं मौजूद रहते हैं।” “अवर सर्विस” में पुतिन की पसंद पर भी प्रकाश डाला गया है। वह फास्ट फूड से परहेज करते हैं और रात में मांस का सेवन सीमित करते हैं। वह बैंगन ऐपेटाइज़र, ओलिवियर सलाद और गेम लिवर पसंद करते हैं, आधिकारिक कार्यक्रमों में गुलाब या अदरक की चाय पीते हैं और शायद ही कभी शराब पीते हैं।
विदेश में पुतिन बुलेटप्रूफ ऑरस सेनाट लिमोजिन में यात्रा करते हैं। यह ग्रेनेड प्रतिरोध, आपातकालीन ऑक्सीजन, अग्नि शमन और उन्नत संचार सुविधाओं के साथ डिज़ाइन किया गया है। उनके इल्युशिन IL-96-300PU विमान को “फ्लाइंग प्लूटोन” कहा जाता है। इसमें सुरक्षित संचार प्रणाली, एक जिम, चिकित्सा केंद्र, सम्मेलन कक्ष और परमाणु हमलों को अधिकृत करने के लिए उपकरण मौजूद हैं।
‘पूप सूटकेस’ का प्रोटोकॉल
पुतिन की यात्रा दिनचर्या का एक सबसे असामान्य हिस्सा उनके शारीरिक अपशिष्ट से संबंधित है। रिपोर्टों के अनुसार, उनके अपशिष्ट को एकत्र किया जाता है, सील किया जाता है और वापस रूस ले जाया जाता है। यह उपाय विदेशी खुफिया एजेंसियों को उनके स्वास्थ्य का विश्लेषण करने से रोकता है। कथित तौर पर अंगरक्षक अपशिष्ट को संभालते हैं और इसे एक सीलबंद ब्रीफ़केस में रखते हैं जिसे मॉस्को वापस ले जाया जाता है। यह प्रथा पुतिन की 2017 में फ्रांस यात्रा, 2019 में सऊदी अरब यात्रा और हाल ही में अलास्का शिखर सम्मेलन (यूएसए) के दौरान देखी गई है। एक स्रोत के अनुसार, पुतिन 1999 में अपने नेतृत्व की शुरुआत से ही इस प्रथा का पालन कर रहे हैं।
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