
दिग्विज सिंह, मनोज तिवारी और मनोज झा
मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव में धांधली के गंभीर आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विपक्षी नेताओं के सभी आरोपों के जवाब दिए। इसके साथ ही उन्होंने बिहार में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया को सही बताया। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव से पहले ऐसा करना जरूरी है, ताकि मतदाता सूची में मौजूद गड़बड़ियों को ठीक किया जा सके। हालांकि, विपक्ष के नेता चुनाव आयुक्त के जवाबों से संतुष्ट नहीं नजर आए और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के इंदौर में पत्रकारों से बात करते हुए चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कहा, “मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि चुनाव आयुक्त को निष्पक्ष चुनाव कराने का संवैधानिक अधिकार है तो क्या निष्पक्ष चुनाव हो रहे हैं? क्या मतदाता सूची निष्पक्ष रूप से तैयार हो रही है? जिस तरह से भाजपा के पास वोटर लिस्ट की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध है, हमारे पास क्यों नहीं है, क्या यही निष्पक्षता है? आज राहुल गांधी ने इन्हीं सवालों के साथ मतदाता अधिकार यात्रा शुरू की है। वे इनका जवाब नहीं दे रहे हैं और हम पर आरोप लगा रहे हैं।”
मनोज झा का बयान
राजद नेता मनोज झा ने चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कहा, “यह संस्था (चुनाव आयोग) संविधान से पैदा हुई है, संविधान नहीं हैं। मैं उनसे (ज्ञानेश कुमार से) अनुरोध करूंगा कि वे सुकुमार सेन का स्मरण करें। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी भी ज्वलंत सवाल का जवाब नहीं मिला, संविधान के नाम पर संविधान की धज्जियां नहीं उड़ाई जा सकतीं।” वहीं, सीपीआई(एम) के राज्यसभा सांसद डॉ. वी. शिवदासन ने कहा, “चुनाव आयोग ने विपक्ष द्वारा उठाए गए किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी चिंताएं हैं, जो अब प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों द्वारा की जाती है, जिससे संस्था की पवित्रता और स्वतंत्रता कम हो रही है।”
मनोज तिवारी की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, “राहुल गांधी झूठ बोलकर देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। भारत के चुनाव आयोग को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यह भारत के चुनाव आयोग का बड़प्पन है कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सब कुछ समझा रहे हैं। कांग्रेस-आरजेडी ने अवैध घुसपैठियों का वोट बनवाया है। अगर वे अवैध घुसपैठियों का वोट बनवाएंगे तो पूरा बिहार उनके खिलाफ हो जाएगा। अगर वह (राहुल गांधी) अपने दावों का सबूत नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, उनकी सदस्यता समाप्त होनी चाहिए।”






































