
कश्मीर घाटी की हवाई कनेक्टिविटी को नई उड़ान मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सिविल एन्क्लेव के विस्तार को मंजूरी दे दी है। करीब ₹1677 करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट न सिर्फ आधुनिक टर्मिनल सुविधाएं देगा, बल्कि पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में लिया गया, जिसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी।
73 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक टर्मिनल
श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 73.18 एकड़ में फैले सिविल एन्क्लेव का विस्तार किया जाएगा। यहां 71,500 वर्गमीटर में एक अत्याधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग बनेगी, जिसमें 20,659 वर्गमीटर का मौजूदा ढांचा भी शामिल रहेगा। नया टर्मिनल पीक आवर में 2900 यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा और सालाना 1 करोड़ यात्रियों की क्षमता (MPPA) के साथ तैयार किया जाएगा। इससे घाटी में बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
एयरक्राफ्ट पार्किंग और मल्टी-लेवल पार्किंग की सुविधा
एयरपोर्ट पर अब 15 विमानों के खड़े होने की जगह बनाई जाएगी। इनमें बड़े (वाइड-बॉडी) विमान के लिए भी अलग से जगह होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 1,000 गाड़ियों की मल्टी-लेवल पार्किंग भी बनाई जाएगी। 3,658 मीटर लंबा रनवे पहले की तरह भारतीय वायुसेना ही संभालेगी। यह एयरपोर्ट बडगाम एयरबेस के अंदर स्थित है और इसका संचालन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण करती है।
पर्यटन स्थलों को मिलेगा सीधा फायदा
सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट विस्तार से डल झील, शंकराचार्य मंदिर और मुगल गार्डन जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच और आसान होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे होटल, ट्रैवल और स्थानीय कारोबार को मजबूती मिलेगी।
पर्यावरण और कश्मीरी संस्कृति का संगम
नए टर्मिनल में आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण का भी खास ध्यान रखा जाएगा। यहां बारिश के पानी को जमा करने की व्यवस्था होगी, ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक रोशनी का इस्तेमाल किया जाएगा और स्थानीय, पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग होगा ताकि प्रदूषण कम हो। साथ ही, टर्मिनल की डिजाइन में कश्मीर की संस्कृति की झलक भी दिखेगी, जैसे पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी और स्थानीय कारीगरी का इस्तेमाल।







































