
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बनाई गई एनपीएस वात्सल्य योजना अब और ज्यादा अट्रैक्टिव इन्वेस्टमेंट ऑप्शन के साथ सामने आई है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने इस योजना में अहम बदलाव करते हुए पेंशन फंड्स को 100% तक रकम इक्विटी में निवेश करने की अनुमति दे दी है। माना जा रहा है कि यह फैसला लंबी अवधि में बच्चों के पेंशन कॉर्पस को तेजी से बढ़ाने में मदद कर सकता है।
23 फरवरी 2026 को जारी सर्कुलर के तहत अब पेंशन फंड्स अपनी निवेश रणनीति को ज्यादा लचीले तरीके से तय कर सकेंगे। पहले जहां संपत्ति आवंटन को लेकर कुछ सीमाएं थीं, वहीं अब फंड मैनेजर्स तय नियमों के दायरे में रहकर पूरी रकम इक्विटी में भी लगा सकते हैं। एनपीएस वात्सल्य दिशा-निर्देश 2025 के पैरा 12 के अनुसार, हर पेंशन फंड अपनी निवेश शैली चुन सकता है। वे चाहें तो नियामक द्वारा सुझाया गया सामान्य एसेट एलोकेशन अपनाएं या फिर अपनी अलग रणनीति बनाएं। इसका मतलब है कि अलग-अलग फंड्स का प्रदर्शन और जोखिम प्रोफाइल भी अलग हो सकता है।
डाटा शेयर करने से बढ़ेगी रणनीतिक ताकत
नए नियमों के मुताबिक अब सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियां पेंशन फंड्स को कुछ जरूरी और सीमित जानकारी देंगी। इसमें यह जानकारी शामिल होगी कि माता-पिता कौन हैं, बच्चे का लिंग क्या है, पैसे किस तरीके से जमा किए जा रहे हैं और वे किस राज्य या इलाके से हैं। इन आंकड़ों की मदद से पेंशन फंड्स यह समझ पाएंगे कि किस क्षेत्र में ज्यादा लोग जुड़ रहे हैं, कौन-सा वर्ग ज्यादा निवेश कर रहा है और किस तरह की जानकारी या योजना की जरूरत है। इससे वे अपनी रणनीति बेहतर बना सकेंगे, सही लोगों तक सही जानकारी पहुंचा सकेंगे और ज्यादा परिवारों को इस योजना से जोड़ पाएंगे।
योजना को मजबूत और पारदर्शी बनाने की पहल
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि इन बदलावों का उद्देश्य योजना को ज्यादा अट्रैक्टिव, पारदर्शी और टिकाऊ बनाना है। डाटा-आधारित निर्णय से न केवल प्रदर्शन बेहतर होगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर समय रहते सुधारात्मक कदम भी उठाए जा सकेंगे। साथ ही रेगुलेटरी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई पेंशन फंड या मध्यस्थ इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।
क्या है एनपीएस वात्सल्य योजना?
एनपीएस वात्सल्य 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए पेंशन योजना है, जिसे माता-पिता संचालित करते हैं। लंबी निवेश अवधि को देखते हुए इक्विटी में 100% निवेश का ऑप्शन हाई रिटर्न की संभावना पैदा करता है, हालांकि इसमें जोखिम भी जुड़ा है।






































