
मनमोहन सामल और सुजीत कुमार।
भाजपा ने मंगलवार को ओडिशा से राज्यसभा चुनाव के लिए अपने 2 उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पार्टी ने मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को उम्मीदवार बनाया है। यह घोषणा बीजेपी की केंद्रीय समिति की ओर से की गई, जिससे दोनों नेताओं की उम्मीदवारी पर मुहर लग गई है।
पार्टी के इस फैसले को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिहाज से एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है। बीजेपी नेतृत्व ने दोनों उम्मीदवारों पर पूरा भरोसा जताया है। केंद्रीय नेताओं का कहना है कि मनमोहन सामल और सुजीत कुमार दोनों के पास राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक मजबूती है, जो चुनाव में पार्टी के लिए फायदेमंद साबित होगी।
कौन हैं सुजीत कुमार?
सुजीत कुमार ओडिशा से एक अनुभवी राजनेता और पूर्व में भी राज्यसभा के सदस्य रहे हैं। वे हाल ही में बीजू जनता दल को छोड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। सुजीत कुमार का जन्म 17 नवंबर 1975 को ओडिशा के भवानीपटना में हुआ। वे पेशे से वकील हैं और सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में भी प्रैक्टिस कर चुके हैं। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से उन्नत शिक्षा प्राप्त की है।
सुजीत कुमार पहले बीजू जनता दल के सदस्य थे और इसी पार्टी से वे पहले भी राज्यसभा सांसद रहे। बाद में उन्होंने बीजेडी छोड़ी और भाजपा में शामिल हो गए, और अब भाजपा के प्रतिनिधि के रूप में राज्यसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके पास नीति-निर्माण, सामाजिक मुद्दों और विकास कार्यों का अनुभव भी है। सुजीत कुमार एक शिक्षित, अनुभवी और सक्रिय सांसद हैं जिन्होंने राजनीति, कानून और सामाजिक सेवा में कई भूमिकाएं निभाईं हैं।
कौन हैं मनमोहन सामल?
मनमोहन सामल ओडिशा के एक वरिष्ठ भारतीय राजनेता हैं और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के ओडिशा इकाई के अध्यक्ष हैं। वे लंबे समय से पार्टी की राज्य इकाई का नेतृत्व कर रहे हैं और उन्हें ओडिशा की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा माना जाता है।
मनमोहन सामल का जन्म 15 अप्रैल 1959 को ओड़िशा के भद्रक में हुआ था। वे 2023 से बीजेपी के ओडिशा इकाई के राज्य अध्यक्ष रहे हैं और इस पद पर अब तक कई बार काम कर चुके हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी और धीरे-धीरे पार्टी में ऊपर उठे। सामल पहले भी राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और इसके अलावा ओडिशा विधान सभा के विधायक और मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। मंत्री के रूप में उन्होंने राजस्व, फूड सप्लाइज और कंज्यूमर वेलफेयर जैसे विभाग संभाले थे। मनमोहन सामल को पार्टी नेतृत्व और संगठनात्मक काम के लिए जाना जाता है।
अब राज्य स्तर पर तैयारियां तेज
केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद अब राज्य स्तर पर तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ता सक्रिय होंगे और चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाया जाएगा। बीजेपी के इस कदम से अन्य राजनीतिक दलों को भी अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। राज्यसभा चुनाव को लेकर अब सियासी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)
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