
ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद मिडिल-ईस्ट का माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किए जाने से पूरी दुनिया में कच्चे तेल की उपलब्धता पर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि, भारत के लिए स्थिति अभी पूरी तरह से कंट्रोल में हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत के पास 25 दिनों का क्रूड ऑयल और रिफाइंड ऑयल का स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सरकार कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी आयात करने के लिए दूसरे सोर्स ढूंढ रही है। इसके साथ ही, सरकारी सूत्रों ने बताया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का तुरंत कोई प्लान नहीं है।
होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल
सूत्रों ने बताया कि कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी के मामले में हमारी स्थिति काफी आरामदायक है। ईरान के सरकारी मीडिया ने 28 फरवरी को कहा था कि अमेरिका और इजरायल के मिसाइल हमलों के जवाब में उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। बताते चलें कि होर्मुज जलडमरूमध्य, कच्चे तेल के व्यापार के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट रूट में से एक है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल कच्चे तेल का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।
भारत दूसरे देशों से आयात करता है 90 प्रतिशत कच्चा तेल
भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए 88-90 प्रतिशत कच्चा तेल दूसरे देशों से आयात करता है। दुनिया के कई देश कच्चे तेल का उत्पादन करते हैं। अमेरिका, दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का उत्पादक है। अमेरिका के अलावा, सऊदी अरब, रूस, कनाडा, चीन, इराक, ईरान, ब्राजील, यूईए और कुवैत सबसे बड़े तेल उत्पादक देश हैं। हालांकि, भारत लंबे समय से रूस, सऊदी अरब, इराक, यूएई और अमेरिका से कच्चा तेल खरीद रहा है। लेकिन, जरूरत पड़ने पर भारत किसी भी देश से कच्चा तेल आयात कर सकता है।






































