
भारी गिरावट के बाद गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार ने बढ़त के साथ ओपनिंग की। बीएसई सेंसेक्स सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर एक समय 341.65 अंक की तेज उछाल के साथ 79457.84 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। इसी समय एनएसई का निफ्टी 96.25 अंक की बढ़त के साथ 24576.75 के लेवल पर कारोबार करता देखा गया। शुरुआती सत्र में निफ्टी इंडेक्स में कुछ प्रमुख शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिली। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सभी सेक्टर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। ऑटो, ऑयल एंड गैस, कैपिटल गुड्स, मेटल, पावर और रियल्टी सेक्टर के इंडेक्स में करीब 1% की बढ़त दर्ज की गई। वहीं निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी मजबूती देखने को मिली और दोनों इंडेक्स लगभग 1.2% की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
टॉप गेनर और लूजर स्टॉक्स
शेयर बाजार में कारोबार के दौरान निफ्टी इंडेक्स में कुछ प्रमुख शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, कोल इंडिया और रिलायंस इंडस्ट्रीज निफ्टी के बड़े गेनर्स में शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर मैक्स हेल्थकेयर, आईसीआईसीआई बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, एक्सिस बैंक और ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और ये निफ्टी के प्रमुख लूज़र्स में रहे।

एक्सपर्ट की राय में बाजार
वैश्विक बाजारों की बात करें तो, अमेरिका के शेयर बाजार ने पिछली सत्र में मजबूती के साथ बंद किया। वहीं, दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी जोरदार तेजी के साथ 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज कर रहा है, जो घरेलू बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है। इस पर टिप्पणी करते हुए, पोन्मुदि आर, सीईओ, Enrich Money, एक ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म, ने कहा कि दुनिया के बाजारों में मजबूती और कोस्पी इंडेक्स की तेज बढ़त घरेलू निवेशकों के लिए सहायक संकेत हैं।
रुपया 51 पैसे मजबूत
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 51 पैसे मजबूत होकर 91.54 पर पहुंचा – शुरुआती कारोबार में मजबूत रिकवरीमुंबई: भारतीय रुपया आज शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ खुला और अमेरिकी डॉलर के सामने 51 पैसे की रिकवरी दर्ज की। इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 91.54 प्रति डॉलर के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले सत्र के बंद भाव से काफी बेहतर है।यह रिकवरी हाल के दिनों में रुपए पर दबाव वाली स्थितियों के बाद आई है, जहां ग्लोबल ऑयल प्राइस में उछाल, जियोपॉलिटिकल टेंशन (जैसे ईरान-US संबंध) और मजबूत डॉलर इंडेक्स के कारण रुपया 92 के स्तर के करीब पहुंच गया था। मार्च 2026 की शुरुआत में रुपया रिकॉर्ड निचले स्तरों के आसपास रहा, लेकिन आज विदेशी फंड्स की एंट्री, एशियाई करेंसीज में सुधार और RBI की संभावित इंटरवेंशन से सपोर्ट मिला।






































