
वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में सोने की कीमत अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब ₹19,000 प्रति 10 ग्राम तक गिर गई है। इससे कई निवेशकों और ज्वैलरी खरीदारों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अभी सोना खरीदना फायदे का सौदा हो सकता है। भारतीय कमोडिटी बाजार MCX में पिछले हफ्ते सोने का भाव करीब ₹1,61,675 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह कीमत इसके लाइफटाइम हाई ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम से काफी नीचे है।
क्यों आई सोने की कीमतों में गिरावट?
एक्सपर्ट्स के अनुसार अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद सोने में बड़ी तेजी नहीं आ पाई। इसकी एक बड़ी वजह मजबूत होता अमेरिकी डॉलर है।जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतों पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक महंगाई की चिंता भी बाजार को प्रभावित कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी सोने की कीमतें एक बड़े दायरे में कारोबार कर रही हैं और फिलहाल ₹1,37,000 से ₹1,65,000 प्रति 10 ग्राम के बीच उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
क्या आगे फिर बढ़ सकते हैं सोने के दाम?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अगर सोने की कीमत ₹1,65,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर स्थिर हो जाती है, तो वैश्विक बाजार में फिर से तेजी आ सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX में भी सोना अभी अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे ट्रेड कर रहा है। लेकिन सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से आगे कीमतों में उछाल की संभावना बनी हुई है।
जियोपॉलिटिकल तनाव का क्या असर?
अमेरिका की नीतियों और वैश्विक राजनीतिक घटनाओं का भी सोने पर असर पड़ रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक नीतियों और वैश्विक तनाव के चलते बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक अक्सर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?
विशेषज्ञों के मुताबिक लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका हो सकती है। अगर कीमतों में हल्की गिरावट आती है तो निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं। हालांकि निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और बाजार के जोखिम को जरूर समझना चाहिए। सोने में निवेश हमेशा लंबी अवधि के नजरिए से करना बेहतर माना जाता है।






































