टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सासंद कीर्ति आजाद के एक बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इसमें उन्होंने भारतीय टीम के मंदिर जाने पर सवाल उठाया था। कीर्ति आजाद ने एक पोस्ट में लिखा था कि ट्रॉफी 1.4 अरब भारतीयों की है, इसलिए ये सिर्फ एक धर्म की जीत नहीं होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है।
अब इस पूरे मामले पर गौतम गंभीर ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि, इस सवाल का जवाब देना भी जरूरी नहीं है। ये पूरे देश के लिए बहुत बड़ा पल है और हमें इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाना चाहिए। ऐसी कुछ बातों को उठाने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि इससे टीम की उपलब्धियां छोटी हो जाती है। अगर आप उन 15 खिलाड़ियों की मेहनत को कम करके दिखाना चाहते हैं तो फिर कल कोई भी उठकर कुछ भी कह सकता है।
उन्होंने कहा कि, ये खिलाड़ियों के साथ भी गलत है। जरा सोचिए कि इन खिलाडियों ने क्या-क्या झेला और कितना दबाव सहा है। साउथ अफ्रीका से हार के बाद टीम पर कितना दबाव था। ऐसे समय में अगर इस तरह का बयान दिया जाता है तो आप अपने ही खिलाड़ियों और अपनी ही टीम को नीचा दिखाते हैं ऐसा करना बिल्कुल गलत है।






































