अमेरिका में वीजा नियमों को और सख्त करते हुए ट्रम्प प्रशासन ने कुछ देशों के नागरिकों के लिए लागू 15,000 डॉलर तक के वीज़ा बॉन्ड नियम का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब इस सूची में कुल 50 देशों को शामिल किया जा सकता है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने बताया कि यह बदलाव खासतौर पर B1 (बिजनेस) और B2 (टूरिस्ट) वीजा पर लागू होगा। यह बॉन्ड व्यवस्था 2025 में शुरू की गई थी, जिसका मकसद वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी अमेरिका में रुकने (ओवरस्टे) की समस्या को रोकना है।
2 अप्रैल 2026 से लागू होंगे नए नियम
नई सूची में शामिल 12 देश इस प्रकार हैं- कंबोडिया, इथियोपिया, जॉर्जिया, ग्रेनाडा, लेसोथो, मॉरीशस, मंगोलिया, मोज़ाम्बिक, निकारागुआ, पापुआ न्यू गिनी, सेशेल्स और ट्यूनीशिया। इससे पहले 2025 में 37 अन्य देशों पर भी यह नियम लागू किया जा चुका है, जिनमें क्यूबा, बुरुंडी, नामीबिया, तंजानिया और जाम्बिया शामिल हैं।
क्या है वीजा बॉन्ड नियम
इस नियम के तहत वीजा इंटरव्यू के समय आवेदकों से 5,000 डॉलर, 10,000 डॉलर या 15,000 डॉलर तक का बॉन्ड जमा कराने को कहा जा सकता है। यह राशि तभी जमा करनी होगी जब कांसुलर अधिकारी निर्देश दे। अगर वीजा धारक समय सीमा के भीतर अमेरिका छोड़ देता है, तो पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। ओवरस्टे की स्थिति में यह राशि जब्त की जा सकती है।
क्यों बढ़ाई जा रही सख्ती
पिछले एक साल में ट्रम्प प्रशासन ने इमिग्रेशन सिस्टम में कई बदलाव किए हैं। सरकार का कहना है कि वीज़ा प्रोग्राम का दुरुपयोग हो रहा था और आवेदकों की जांच पर्याप्त सख्त नहीं थी। इसी के तहत अब एंबेसी इंटरव्यू प्रक्रिया को कड़ा किया गया है। सोशल मीडिया वेरिफिकेशन बढ़ाया गया है। वीजा फीस और अन्य शर्तों में भी बदलाव किए गए हैं। इन कदमों का उद्देश्य अवैध रूप से रुकने की घटनाओं को कम करना और वीजा सिस्टम को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाना है।



































