
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
नई दिल्ली: इंडिया टीवी के खास कार्यक्रम ‘आप की अदालत’ में इस बार के खास मेहमान प्रसिद्ध कथावाचक और बागेश्वर धाम सरकार के नाम से मशहूर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री थे। उन्होंने शो के दौरान सवालों के खुलकर जवाब दिए।
लंदन में कैसे बाथरूम के अंदर अटके बाबा?
‘आप की अदालत’ शो के एंकर और इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने धीरेंद्र शास्त्री से पूछा, “मैंने यह भी सुना कि लंदन में एक बाथरूम में अटक गए आप काफी देर।” इस सवाल के जवाब में धीरेंद्र शास्त्री ने मजेदार किस्सा सुनाया।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया, “पहली बार जब हम लंदन गए तो नौ घंटे की हवाई जहाज की यात्रा में पूरे संकोच में रहे कि कुछ उल्टा सीधा खा-पी ना लें, कहीं गड़बड़ ना हो जाए। अंग्रेजी नहीं आती है। अब कैसे काम चलेगा। एक यह नया लफड़ा तो अंग्रेजी का जाकर सेंटेंस सीखा। एक सेंटेंस में हमने पूरे देशों की यात्रा कर ली, आई कैन नॉट स्पीक इन इंग्लिश बट आई अंडरस्टैंड योर फिलिंग। अब जैसे ही हम लंदन उतरे तो हीथ्रो से एक जगह है बेंबली। तो चेला जजमान लेने आए और फूल माला चढ़ाई। हमने आशीर्वाद दिया तो घर ले गए। प्रथम यात्रा थी हमारी विदेश की तो हमने मकान देखा तो हमें लकड़ी का मकान अच्छा लगा।”
वो 60 रुपए की बाल्टी, 20 रुपए का नल फिट नहीं करवा पाए: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया, “सुंदर बढ़िया नीचे कारपेट बिछा मोटा गद्दा था। हमको बहुत अच्छा घर लगा। हमने सोचा कि स्नान ध्यान करने पर भोजन पाएं तो जैसे ही कपड़े उतारकर अंदर गए तो बड़ा झंझट और वहां पर कहीं नल की टोंटी नहीं थी। अब हम बड़े टेंशन में थे कि अब कपड़े भी उतार लिए, कैसे जाएं। तौलिया लपेटे हम ऐसे कैसे अब नागा बाबा बनके बाहर निकलें, बाल्टी मग नहीं था। हम देसी आदमी लेकिन वहां तो सिर्फ टिशू पेपर थे। अब वो लफड़ा फंस गया।”
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया, “लेकिन लफड़ा ये कि वहां पानी निकालने वाला नहीं था कोई। अब टेंशन में लगभग 30 मिनट दिमाग लगाते रहे कि कहां फंस गए। हमें लगा कि जजमान का मकान पूरा नहीं बना अधबने में ही घुसा दिया। फिर हमने जैसे बटन दबाया तो उसमें शॉवर ऊपर छत में था। पानी नीचे गिरा, गरम गिरा तो हाथ जल गया। अरे हमने कहा, गर्म भी है तो ठंडा भी होगा। फिर उसको जाकर जैसे तैसे नहा करके निकले।”
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया, “जजमान बोला गुरुजी कोई असुविधा तो नहीं, तो हमने कहा कि हमको एक भी सुविधा नहीं है। वो बोले क्यों? अरे हमने कहा मकान तो तुम्हारा करोड़ों का, 60 रुपए की बाल्टी, 20 रुपए का नल फिट नहीं करवा पाए। उसने फिर उसके दूसरे दिन पर देसी व्यवस्था भी कर दी।”






































