
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देखा ‘आप की अदालत’ शो
नई दिल्ली: बागेश्वर धाम सरकार के नाम से मशहूर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 20 हजार श्रद्धालुओं के साथ ‘आप की अदालत’ कार्यक्रम देखा। दरअसल इस बार ‘आप की अदालत’ में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ही मेहमान थे। उन्होंने शो के दौरान सवालों के खुलकर जवाब दिए। आज जब ‘आप की अदालत’ कार्यक्रम इंडिया टीवी पर टेलीकास्ट हुआ तो धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 20 हजार श्रद्धालुओं के साथ इसे देखा।
आप की अदालत में धीरेंद्र ने सुनाए तमाम किस्से
‘आप की अदालत’ में रजत शर्मा के साथ एक बेबाक इंटरव्यू में बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ‘ऑक्सफोर्ड या कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में भूत-प्रेत और अलौकिक गतिविधियों के बारे में पढ़ाई करने’ की अपनी इच्छा व्यक्त की।
उन्होंने ये भी बताया कि कैसे उनकी मां ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया था और कहा था, ‘और ऊंचे पद पर जाओ।’ पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने लंदन प्रवास, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री से मुलाकात और मॉरीशस के राष्ट्रपति का पर्चा निकालने के बारे में कई मजेदार किस्से सुनाए।
अनंत अंबानी की शादी, पिज्जा खाने और लंंदन के होटल का किस्सा भी सुनाया
पिछले साल जुलाई में अनंत अंबानी की शादी के रिसेप्शन में शामिल होने के लिए अंबानी परिवार ने ऑस्ट्रेलिया में एक खास प्लान क्यों भेजा, यह पूछे जाने पर धीरेंद्र शास्त्री ने जवाब दिया: ‘हम वहां बुलाए गए। उन्होंने जो कार्य किया, अभूतपूर्व किया। अपनी विवाह परंपरा को, मांगलिक कार्य को, उत्सव को महोत्सव बनाया और सनातन संस्कृति के साथ मनाया।’
इसके अलावा धीरेंद्र शास्त्री ने शो के दौरान पिज्जा खाने को लेकर एक मजेदार किस्सा सुनाया और लंदन में एक बाथरूम के अंदर कैसे अटक गए थे, ये भी बताया।
अखिलेश यादव को लेकर भी बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
रजत शर्मा ने सवाल किया कि अखिलेश यादव कह रहे थे कि अगर आपको बागेश्वर बाबा की कथा करवानी हो तो 50 लाख रुपए खर्च करने होते हैं। गरीब आदमी की तो हैसियत ही नहीं है उनसे कथा करवाने की। इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “हम उनको आप की अदालत के माध्यम से निवेदन करना चाहेंगे कि दक्षिणा हम लेते हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन जितनी उन्होंने कही है, उतनी हमें अभी तक मिली नहीं है। उनसे हम कहेंगे कि उनकी अगर श्रद्धा जगे तो हमारी कथा करवाएं, हम उनके गांव में, जहां वो कहेंगे, वहां आएंगे, टेंट और साउंड अपना लाएंगे। यजमान उनको बनना पड़ेगा। एक रुपए दक्षिणा नहीं लेंगे और कथा सुनाकर जाएंगे।”






































