दिल्ली-एनसीआर में तेज और आधुनिक परिवहन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली-मेरठ रूट पर नमो भारत (रैपिड रेल) के सफल संचालन के बाद अब दिल्ली-करनाल कॉरिडोर पर भी काम शुरू होने की तैयारी तेज हो गई है। खास बात यह है कि केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम मंजूरी से पहले ही इस प्रोजेक्ट पर जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले समय में यह रूट भी लोगों के सफर को बेहद आसान बना देगा।
136 किलोमीटर का लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर
दिल्ली से करनाल तक बनने वाला यह रैपिड रेल कॉरिडोर करीब 136 किलोमीटर लंबा होगा। इसका अधिकांश हिस्सा एलिवेटेड होगा, जिससे जमीन अधिग्रहण की समस्या कम होगी और निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा। यह रूट राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ विकसित किया जाएगा, जिससे कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
शिफ्टिंग काम से मिली रफ्तार
एनसीआरटीसी (NCRTC) ने इस प्रोजेक्ट को गति देने के लिए बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाओं की शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया है। हाल ही में 33 केवी और 11 केवी बिजली लाइनों के स्थानांतरण के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। इसके अलावा करीब 36 किलोमीटर लंबे सीवर और पानी की पाइपलाइन को भी शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। यह शुरुआती काम इस बात का संकेत है कि प्रोजेक्ट अब तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दिल्ली में मिलेंगे बड़े इंटरचेंज
दिल्ली-करनाल रूट की एक खासियत इसके बड़े इंटरचेंज स्टेशन होंगे। सराय काले खां से शुरू होने वाला यह कॉरिडोर इंद्रप्रस्थ और कश्मीरी गेट जैसे प्रमुख स्थानों पर दिल्ली मेट्रो से जुड़ेगा। कश्मीरी गेट पर बस अड्डे के साथ भी कनेक्टिविटी दी जाएगी। इससे यात्रियों को एक ही नेटवर्क में ट्रेन, मेट्रो और बस की सुविधा मिल सकेगी।
प्राथमिकता में आया दिल्ली-करनाल रूट
शुरुआत में नमो भारत के तीन रूट दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी और दिल्ली-पानीपत तय किए गए थे। लेकिन हरियाणा सरकार के आग्रह पर पानीपत रूट को बढ़ाकर करनाल तक कर दिया गया। अब जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-गुरुग्राम से पहले दिल्ली-करनाल कॉरिडोर पर काम शुरू हो सकता है।
क्या होगा फायदा?
इस रूट के शुरू होने से दिल्ली और हरियाणा के बीच सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा। रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और यात्रा का समय भी काफी कम हो जाएगा। इसके अलावा, इस कॉरिडोर से आसपास के इलाकों में विकास और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।






































