SpaceX के CEO और Starlink के मालिक एलन मस्क ने भारत सरकार की टेलीकॉम नीति पर सवाल उठाया है। एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत में कुछ चुनिंदा उद्योगपति इंटरनेट पर एकाधिकार रखना चाहते हैं, ये लोग स्टारलिंक की लॉन्चिंग रोकने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए, स्टारलिंक को भारत में काम करने से रोकना भारत की जनता के साथ अपराध है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय ने तुरंत जवाब दिया।
सरकार ने कहा कि भारत में टेलीकॉम ऑपरेटर्स के लिए नियम कानून सब के लिए बराबर हैं, जो इस सेक्टर में आना चाहता है उसे बुनियादी शर्तें पूरी करनी होगी, लाइसेंस के लिए किसी भी satcom को डेटा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स का पालन करना जरूरी है, नियम सबके लिए बराबर हैं, भारत सरकार किसी भी कंपनी को लाइसेंस देने में भेदभाव नहीं करती। भारत सरकार ने सख्त रुख दिखाया तो स्टारलिंक के सुर भी बदल गए। स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रेयर ने कहा कि उनकी कंपनी भारत की टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिल कर काम करना चाहती है और भारत के लोगों का डेटा भारत में ही रखने को तैयार है।
लॉरेन ड्रेयर ने कहा, स्टारलिंक 165 देशों में काम कर रहा है, हर देश में भरोसेमंद कनेक्टिविटी दे रहा है, वह भारत में भी सर्विस देने के लिए तैयार है, इसके लिए उसने एयरटेल, जियो समेत कई कंपनियों के साथ MOU साइन किए हैं। लॉरेन ड्रेयर ने कहा कि भारत की डिमांड के मुताबिक उन्होंने खास स्टारलिंक ऑपरेशंस तैयार कर लिए हैं, इन ऑपरेशंस में हर लेवल पर कंट्रोल सिस्टम तैयार किया गया है। वो ये भी सुनिश्चित करेंगे कि भारतीय उपभोक्ताओं का डेटा भारत से बाहर ना जाए।
Starlink भारत में आ सकती है, भारतीय कंपनियों के साथ उसके agreements हैं, पर भारत में अगर काम करना है तो यहां के क़ानून का पालन करना होगा। कोई कंपनी चाहे कितनी भी बड़ी हों, ये नहीं हो सकता कि वो भारत के data का इस्तेमाल करे और क़ानून अमेरिका का माने। इस मामले में सरकार की नीति बिल्कुल साफ है कि जो नियम बाक़ी के लिए हैं, वही एलन मस्क के लिए भी लागू होंगे। ये बात एलन मस्क भी समझ गए हैं। इसीलिए पहले एलन मस्क ने एक ट्वीट किया जिसमें मोदी सरकार को निशाने पर लिया। मस्क ने लिखा कि स्टार लिंक को भारत में लाइसेंस क्यों नहीं दिया जा रहा? क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं? एलन मस्क के इस ट्वीट को राहुल गांधी ने तुरंत री-ट्वीट किया और लिखा कि एलन मस्क, भारत में तुम्हारा स्वागत है, बस थोड़ा इंतजार कीजिए।
मोदी ने बताया साइबर क्राइम, डीपफेक का खतरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन मोबाइल कांग्रेस में दुनिया भर के देशों से अपील की कि साइबर क्राइम, डीपफेक को रोकने के लिए एक global framework तैयार किया जाय। मोदी ने कहा कि हमें टेक्नोलोजी के साथ चलना भी है और इसके ख़तरों से बचना भी है, ये वक़्त का तकाज़ा है। मोदी ने कहा कि मोबाइल फोन ने भारत में आम आदमी की जिंदगी को आसान बनाया, बिचौलियों का धंधा बंद किया, सरकारी पैसे के लीकेज को रोकने का हथियार बना लेकिन साथ ही मोबाइल के जरिए साइबर क्राइम को बढावा मिला है। आंकड़े गवाह हैं कि cyber crime ने कितने लोगों को लूटा है, कितने बुज़ुर्ग और महिलाएं cyber fraud की शिकार हुई। कई परिवार बर्बाद हो गए।
Deepfake के ज़रिए फ़र्ज़ी वीडिय़ो बनाकर लोगों की ज़िंदगी मुश्किल करना आम बात हो गई है। कल ही मैंने आपको बताया था कि दिल्ली पुलिस के एक अफ़सर का फ़र्ज़ी वीडिय़ो बनाया गया, AI का इस्तेमाल करके उसे एक महिला को molest करते दिखाया, ये वीडियो वायरल हुआ। सोचिए उस पुलिस अफ़सर और उसके परिवार पर क्या बीती होगी? AI ने fake क़ानून बना दिए, सुप्रीम कोर्ट को धोखा देने की कोशिश की, AI ने celebrities के फ़र्ज़ी video बना दिए, सामान बेचने की कोशिश की, AI के ज़रिए investors को ठगा गया। लेकिन ये सिर्फ़ शुरुआती दौर है।
आज दुनिया के बड़े-बड़े experts मानते हैं कि AI एक खतरनाक टेक्नोलोजी है, इससे झूठे narrative फैलाए जा सकते हैं। इससे लोगों में बेचैनी पैदा की जा सकती है। ये पूरी मानवता को बर्बाद कर सकती है। ख़तरा बड़ा है इसलिए आप जो भी वीडिय़ो देखें, उस पर बिना सोचे समझे विश्वास ना करें, अपनी भावनाओं को न भड़कने दें।
राहुल की कॉकरोच से टक्कर: ‘मेरी क़मीज़ तेरी क़मीज़ से ज़्यादा सफ़ेद’
राहुल गांधी ने INDIA bloc के नेताओं को कल कनॉट प्लेस में लंच पर बुलाया, उसके बाद बसों में सवार हो कर राजघाट गये और वहां कुछ समय के लिए धरना दिया। दिल्ली पुलिस ने समझदारी से काम लिया। राहुल को ड्रामा करने का मौका ही नहीं दिया। कांग्रेस के साथ आरजेडी, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और लेफ्ट फ्रंट के सांसद पहुंचे। लेकिन इस चक्कर में जबरदस्त ट्रैफिक जाम लग गया। पांच हजार से ज्यादा यात्रियों की ट्रेन छूट गई। तीन घंटे तक लोग ट्रैफिक में फंसे रहे।
जो लोग कह रहे हैं कि राहुल गांधी अब आक्रामक हो गए हैं, सड़क पर उतर कर राजनीति करने लगे हैं, उन्हें याद करना होगा कि राहुल के लिए पुलिस के साथ लुकाछुपी खेलना कोई नई बात नहीं है। ये उनकी पुरानी आदत है। 15 साल पहले ग्रेटर नोएडा के पास भट्टा पारसौल में राहुल ने बाइक पर बैठ कर पुलिस को चकमा दिया था और बहुत ख़ुश हुए थे। 2020 में हाथरस में राहुल, प्रियंका की जोड़ी के क़ाफ़िले को पुलिस ने रोक दिया था। दोनों भाई-बहन पैदल निकल पड़े थे। उस समय राहुल गिर भी गए और बाद में पुलिस ने हिरासत में लिया।
2022 में नैशनल हेराल्ड के केस में जब ED ने एक्शन लिया तो राहुल ने कांग्रेस के सांसदों के साथ विजय चौक पर इसी तरह धरना दिया था। पुलिस से आंख बचाकर राष्ट्रपति भवन जाने का प्लान बनाया था। तब भी मोदी पर ED और पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। इसीलिए आकाशवाणी में धरना, जंतर-मंतर जाने की कोशिश, सड़क पर लेटना, फिर राजघाट पर प्रोटेस्ट कोई नई बात नहीं है। ये पहले भी हो चुका है। इस बार मुक़ाबला Cockroach Janta Party से है। उनके साथ वामपंथियों की फ़ौज है, Youtubers का हुजूम है। इसलिए राहुल को पता नहीं कि उन्हें किस हद तक जाना पड़ेगा। फ़िलहाल तो सारा चक्कर ये साबित करने का है कि “मेरी क़मीज़ तेरी क़मीज़ से ज़्यादा सफ़ेद है”।
देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 08 अक्टूबर 2026 का पूरा एपिसोड







































