ओडिशा के क्योंझर जिले से एक चिंताजनक वीडियो सामने आया है। इसमें कुछ युवक जंगली हाथियों के एक बड़े झुंड के पीछे दौड़ते और उन्हें मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस घटना ने एक बार फिर जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों और जंगली जानवरों के बीच बढ़ते टकराव के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह झुंड करीब 25 हाथियों का था। बताया जा रहा है कि यह घटना चंपुआ वन क्षेत्र के अंतर्गत मंगलपुर गांव के पास हुई। हाथियों का झुंड पहले कसीपाल जंगल में मौजूद था। इसके बाद वह पास के आबादी वाले इलाके की ओर बढ़ने लगा। बताया जा रहा है कि हाथियों का झुंड जब गांव के पास सड़क की ओर पहुंचा, तो कुछ युवक जंगल के आसपास इकट्ठा हो गए। आरोप है कि उन्होंने हाथियों को वहां से भगाने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया और तेज आवाजें निकालकर उन्हें डराने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ युवक हाथियों के पीछे दौड़ते और उन्हें मारते हुए दिखाई दिए।
Video वायरल होने के बाद बढ़ी चिंता
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन्यजीव प्रेमियों और आम लोगों ने चिंता जताई है। हालांकि, वन विभाग की ओर से इस घटना पर की गई कार्रवाई या हाथियों को किसी तरह की चोट लगने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। जंगली हाथियों के पास जाना या उन्हें डराकर भगाने की कोशिश करना लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। जब हाथियों को लगता है कि उन्हें खतरा है, तो वे अचानक आक्रामक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में आसपास मौजूद लोगों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। इसके अलावा, हाथियों को दौड़ाने, घेरने या मारने से वे घायल हो सकते हैं और उनका सामान्य रास्ता भी प्रभावित हो सकता है। खासकर जब झुंड में बड़ी संख्या में हाथी हों, तो उनके करीब जाने से बचना बेहद जरूरी है। आपको बता दें कि इससे पहले ओडिशा से अंगुल जिले में हाथी को भगाने गए वनकर्मी पर हाथी ने हमला कर दिया था। कर्मचारी ने किसी तरह पास के एक आम के पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई।
वन विभाग की ओर से लोगों को सलाह
वन विभाग की ओर से लोगों को लगातार सलाह दी जाती है कि जंगली हाथियों के पास न जाएं, उनका पीछा न करें और उन्हें चारों तरफ से घेरने की कोशिश न करें। यदि हाथियों का झुंड गांव, सड़क या आबादी वाले इलाके के पास दिखाई देता है, तो लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को देनी चाहिए। खुद लाठी, शोर या दूसरे तरीकों से हाथियों को भगाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। समय पर वन विभाग को सूचना मिलने से हाथियों की आवाजाही पर नजर रखने और लोगों को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती
जंगलों के आसपास के इलाकों में हाथियों का आबादी की ओर आना वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में लोगों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे जंगली जानवरों को परेशान न करें और उनकी आवाजाही में बाधा न डालें। क्योंझर से सामने आए इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और लोगों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए हैं। जंगली हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना, उनकी गतिविधियों में बाधा नहीं डालना और किसी भी घटना की सूचना वन विभाग को देना ही ऐसे खतरनाक टकराव को कम करने का बेहतर तरीका है। (रिपोर्ट: शुभम कुमार)
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