Highlights
- चक्रवात ‘अर्नब’ का महाअलर्ट! 135 kmph की हवाएं, आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश का खतरा।
- समंदर में 14 मीटर ऊंची लहरों का खतरा, 5 राज्यों और यानम में NDRF की 31 टीमें तैनात।
- चक्रवात के डर से 64 ट्रेनें रद्द, गन्नवरम एयरपोर्ट से कई उड़ानें भी प्रभावित।
विशाखापत्तनम/भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी कि IMD के मुताबिक, 28 अक्टूबर की सुबह इसके आंध्र प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश यानम के तट के पास बापटला और विशाखापत्तनम के बीच पहुंचने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।
कहां है चक्रवात और कब तट से टकराएगा?
मौसम विभाग के अनुसार, 27 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे चक्रवात पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 16.2 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 83.7 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास मौजूद था। मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात 27 अक्टूबर की शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के बाद उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ गया था। इसके 28 अक्टूबर की सुबह बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में तट पार करने की संभावना है। तूफान के असर से कई इलाकों में जोरदार बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।
ओडिशा में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि 28 अक्टूबर को ओडिशा में व्यापक बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। 28 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में भी कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
धान की खड़ी फसल को हो सकता है नुकसान
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि चक्रवात के साथ आने वाली तेज हवाओं से बिजली और संचार सेवाएं बाधित हो सकती हैं। धान की खड़ी फसल और बागवानी फसलों को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचने का खतरा है। उन्होंने बताया कि समुद्र में बेहद ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिनकी ऊंचाई 14 मीटर तक बताई गई है। तेज हवाओं और समुद्र की खराब स्थिति को देखते हुए जहाजों और नावों के संचालन में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ओडिशा और आंध्र में राहत-बचाव की तैयारी तेज
ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रावती परिदा ने रायगड़ा में जिला अधिकारियों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ बैठक की। बैठक में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और अग्निशमन विभाग के अधिकारी शामिल हुए। NDRF के उपमहानिरीक्षक मोहसेन शहीदी ने बताया कि चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और कैबिनेट सचिव स्तर पर भी बैठकें की गई हैं। उन्होंने कहा कि कोशिश है कि चक्रवात के दौरान किसी की जान न जाए।
5 राज्यों और यानम में NDRF की 31 टीमें तैनात
शहीदी के मुताबिक, 5 राज्यों और यानम में NDRF की 31 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें आंध्र प्रदेश में 12, ओडिशा में 9, छत्तीसगढ़ में 4, तेलंगाना में 3 और यानम में 2 टीमें शामिल हैं। इसके अलावा, ओडिशा में ODRAF की 60 टीमें और आंध्र प्रदेश समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की करीब 11 टीमें तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ की आशंका वाले निचले इलाकों से लोगों को निकालने की योजना तैयार है और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है।
मछुआरों को 30 अक्टूबर की सुबह तक समुद्र में जाने से रोक
IMD के चक्रवात चेतावनी केंद्र के निदेशक पीएलएन मूर्ति ने बताया कि पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 27 अक्टूबर को तड़के 2:30 बजे बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया था। उन्होंने मछुआरों को 30 अक्टूबर की सुबह तक समुद्र में मछली पकड़ने के लिए नहीं जाने की सलाह दी। मूर्ति के मुताबिक, तटीय बंदरगाहों पर अलग-अलग स्तर के चेतावनी संकेत जारी किए गए हैं। काकीनाडा बंदरगाह पर GD-10 यानी अत्यंत गंभीर खतरे का संकेत दिया गया है। विशाखापत्तनम और गंगावरम में GD-9, जबकि मछलीपट्टनम और निजामपट्टनम में GD-8 संकेत जारी किए गए हैं।
कई उड़ानें रद्द, यात्रियों को दी गई सलाह
चक्रवात के खतरे को देखते हुए कृष्णा जिले के गन्नवरम हवाई अड्डे से संचालित कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इनमें कडप्पा, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु के लिए इंडिगो की उड़ानें शामिल हैं। इनके अलावा विशाखापत्तनम जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक सेवा भी रद्द की गई है। रद्द की गई उड़ानों में इंडिगो की कडप्पा रूट की 6E 7711/7712, हैदराबाद रूट की 6E 2780/2581, चेन्नई रूट की 6E 7305/7302 और बेंगलुरु रूट की 6E 7247/7246 शामिल हैं। विशाखापत्तनम जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की IX 2413/2414 उड़ान भी रद्द की गई है।
53 लोकल और 11 लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द
चक्रवात के खतरे को देखते हुए दक्षिण मध्य रेलवे के विजयवाड़ा मंडल ने एहतियातन 53 लोकल और 11 लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द कर दी हैं। रेलवे के अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक पीई एडविन ने बताया कि पटरियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा उपकरणों और संचार व्यवस्था के साथ कर्मचारियों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। रेलवे ने यात्रियों की सहायता के लिए बूथ भी बनाए हैं। अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें, क्योंकि तटीय इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है।
तेलंगाना के कई जिलों में भी भारी बारिश की आशंका
मौसम विभाग के मुताबिक, 28 अक्टूबर को तेलंगाना के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम, महबूबाबाद और खम्मम जिलों में इसका असर ज्यादा रहने की आशंका है। जयशंकर भूपालपल्ली, वारंगल, हनमकोंडा और सूर्यापेट में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। हैदराबाद में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश का अनुमान है। चक्रवात के आगे बढ़ने के बाद यूपी में आंधी और बारिश का अलर्ट है और 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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