1 घंटे पहले
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टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के बाद FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने सुरक्षा न मिलने पर बॉलीवुड को उत्तर प्रदेश शिफ्ट करने की चेतावनी दी है।
दैनिक भास्कर से बातचीत में FWICE प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने कहा कि इस बार टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि जान से मारने के इरादे से की गई थी।
उन्होंने बताया कि यूनियन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पुलिस कमिश्नर और प्रोड्यूसर बॉडीज को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है।
तिवारी ने चेतावनी दी कि अगर मुंबई में भयमुक्त माहौल नहीं बना, तो फिल्म इंडस्ट्री उत्तर प्रदेश जैसे सुरक्षित राज्यों में शिफ्ट हो सकती है।

यूनियन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है।
डराने के लिए नहीं, जान लेने की नीयत से हुई फायरिंग
बीएन तिवारी ने कहा कि इससे पहले सलमान खान या रोहित शेट्टी जैसे कलाकारों को धमकियां मिलती थीं या दीवारों पर गोलियां चलाई जाती थीं। लेकिन टाइगर श्रॉफ के मामले में हमलावरों ने सीधे जान लेने की नीयत से गोलियां चलाई हैं।
उन्होंने कहा कि यह एक बेहद गंभीर मुद्दा है और पूरी इंडस्ट्री इस समय खौफ के माहौल में काम कर रही है। तिवारी ने कहा कि पिछले 6 महीनों के भीतर इंडस्ट्री के कई लोगों को धमकियां मिली हैं और कई मामले तो सामने भी नहीं आ पाए हैं।

FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी।
1-2 या 10 शूटरों को पकड़ने से समस्या खत्म नहीं होगी
बीएन तिवारी ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की जड़ तक जाकर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि केवल 2, 5 या 10 शूटरों को गिरफ्तार कर लेने से अपराध खत्म नहीं होगा, जब तक कि इस पूरे सिंडिकेट और जड़ को समाप्त नहीं किया जाता।
तिवारी के मुताबिक, बॉलीवुड को सॉफ्ट टारगेट समझा जाता है क्योंकि यहां करोड़ों रुपए का काम होता है। उन्होंने कहा कि जब तक कलाकारों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलेगा, तब तक वे खुलकर अभिनय या डांस नहीं कर पाएंगे।
मुंबई में डर का माहौल रहा तो यूपी शिफ्ट हो सकती है इंडस्ट्री
बीएन तिवारी ने कहा कि महाराष्ट्र बॉलीवुड का बेस है और कोई भी नहीं चाहता कि इंडस्ट्री यहां से बाहर जाए। लेकिन अगर कलाकारों और क्रू मेंबर्स की जान ही जोखिम में रहेगी, तो लोग काम करने के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने पर मजबूर होंगे।
उन्होंने उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि आज यूपी में भयमुक्त वातावरण है और अगर मुंबई में सुरक्षा नहीं मिली, तो फिल्म मेकर्स को यूपी में जाकर शूटिंग शुरू करनी पड़ेगी।

8 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी।
जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी अंधाधुंध फायरिंग
यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई उस घटना के बाद शुरू हुआ, जब बाइक सवार हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस स्टेशन के पास और भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात में टाइगर बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनका ड्राइवर घायल हो गया था।

अब समझिए FWICE क्या है?
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था।
- मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं।
- सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं।
- दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है।
फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल
FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है।
- काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी।
- पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म ‘वेलकम टु जंगल’ की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था।
- कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है।
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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में तीनों संदिग्ध शूटर 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में हैं। क्राइम ब्रांच को जांच में पता चला है कि उन्होंने वारदात से पहले आरे के जंगल में शूटिंग प्रैक्टिस की थी। पूरी खबर पढ़ें






































