
भारतीय रेल ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के शेड्यूल में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद इन ट्रेनों के संचालन के दिनों को पुनः निर्धारित किया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, ये सभी ट्रेनें दक्षिण मध्य रेलवे जोन के तहत संचालित और रखरखाव की जाती हैं। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा, रखरखाव और परिचालन कुशलता को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया है। ये सभी बदलाव 4 दिसंबर 2025 से लागू होंगे। अगर आप इन ट्रेनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो नए शेड्यूल को जरूर चेक कर लें।
इन चार वंदे भारत ट्रेनों का बदला शेड्यूल
20703 काचेगुड़ा-यशवंतपुर वंदे भारत एक्सप्रेस
20704 यशवंतपुर-काचेगुड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
20707 सिकंदराबाद-विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस
20708 विशाखापट्टनम-सिकंदराबाद वंदे भारत एक्सप्रेस
नया और पुराना शेड्यूल इस प्रकार है:
20703 काचेगुड़ा-यशवंतपुर वंदे भारत एक्सप्रेस
शुरुआत: 24 सितंबर 2023
वर्तमान परिचालन: सप्ताह में 6 दिन (बुधवार को बंद)
नया परिचालन: सप्ताह में 6 दिन (अब शुक्रवार को बंद)
कमर्शियल रन की शुरुआत: 25 सितंबर 2023
20704 यशवंतपुर-काचेगुड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
शुरुआत: 24 सितंबर 2023
वर्तमान परिचालन: सप्ताह में 6 दिन (बुधवार को बंद)
नया परिचालन: सप्ताह में 6 दिन (अब शुक्रवार को बंद)
कमर्शियल रन की शुरुआत: 25 सितंबर 2023
20707 सिकंदराबाद-विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस
शुरुआत: 12 मार्च 2024
वर्तमान परिचालन: सप्ताह में 6 दिन (गुरुवार को बंद)
नया परिचालन: सप्ताह में 6 दिन (अब सोमवार को बंद)
कमर्शियल रन की शुरुआत: 13 मार्च 2024
20708 विशाखापट्टनम-सिकंदराबाद वंदे भारत एक्सप्रेस
ट्रेन संख्या 20708 विशाखापत्तनम-सिकंदराबाद वंदे भारत एक्सप्रेस, जिसे 12 मार्च 2024 को हरी झंडी दिखाई गई थी, के संचालन शेड्यूल में बदलाव किया गया है। यह परिवर्तन 4 दिसंबर 2025 से लागू होगा। वर्तमान में यह ट्रेन गुरुवार को छोड़कर सप्ताह के सभी दिन चलती है। 4 दिसंबर 2025 से, यह ट्रेन सोमवार को छोड़कर सप्ताह के बाकी सभी छह दिन संचालित होगी।
इस ट्रेन ने 13 मार्च 2024 से अपना व्यावसायिक संचालन शुरू किया था।
इन शेड्यूल में बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करना और ट्रेन संचालन को और अधिक सुचारू बनाना है। ट्रैफिक मैनेजमेंट, मेंटेनेंस और यात्री डिमांड को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।







































