
रियल एस्टेट सेक्टर में इस तिमाही एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है। गुरुवार को जारी एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स की एक रिपोर्ट में कहा गया कि देश के शीर्ष सात शहरों में जुलाई-सितंबर 2025 के दौरान घरों की बिक्री 9% घटकर 97,080 यूनिट रहने का अनुमान है, जबकि इसी अवधि में कुल लेनदेन मूल्य 14% बढ़कर ₹1.52 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, पिछले वर्ष, सितंबर तिमाही में कुल 1,07,060 आवासीय यूनिट की बिक्री हुई थी।
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि इस तिमाही में बिक्री नई आपूर्ति से अधिक रही है, जो बाजार की निरंतर मजबूती और खरीदारों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि मूल्य के लिहाज से हुई वृद्धि का प्रमुख कारण प्रीमियम और लग्ज़री सेगमेंट में बढ़ी हुई डील्स हैं। साथ ही, बीते एक साल में घरों की कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
शहरों में कैसा रहा प्रदर्शन
मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर):
बिक्री में 16% गिरावट, जो 36,195 यूनिट्स से घटकर 30,260 यूनिट्स तक पहुंच गई।
पुणे:
बिक्री में 13% गिरावट, 19,045 से घटकर 16,620 यूनिट्स।
दिल्ली-एनसीआर:
बिक्री 11% घटी, 15,570 से घटकर 13,920 यूनिट्स।
बेंगलुरु:
बिक्री में 1% मामूली गिरावट, 15,025 से 14,835 यूनिट्स।
हैदराबाद:
11% की गिरावट, 12,735 से घटकर 11,305 यूनिट्स।
कोलकाता:
4% की वृद्धि, 3,980 से बढ़कर 4,130 यूनिट्स।
चेन्नई:
सबसे तेज़ ग्रोथ के साथ 33% की छलांग, 4,510 से बढ़कर 6,010 यूनिट्स।
क्या कहता है ट्रेंड?
इस तिमाही में जहां यूनिट्स की संख्या में कमी देखी गई, वहीं कुल बिक्री मूल्य में बढ़ोतरी से साफ है कि उच्च मूल्य वाले प्रोजेक्ट्स में खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ी है। यह रुझान बताता है कि भारतीय रियल एस्टेट बाजार में मिड और हाई-इनकम सेगमेंट का योगदान लगातार बढ़ रहा है।







































