
Aap Ki Adalat: आप की अदालत में पहुंचे बागेश्वर बाबा
Bageshwar Baba in Aap Ki Adalat: इंडिया टीवी के चर्चित शो ‘आप की अदालत’ में इस बार हमारे मेहमान बने बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री। इस दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा के तीखे सवालों को बखूबी जवाब दिया। बता दें कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ‘आप की अदालत’ में हिंदू राष्ट्र से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक पर बात करते नजर आए। उनका आरोप है कि भारत में कई इलाकों में हिंदू आबादी तेजी से कम हो रही है, और वह मतांतरण और लव जिहाद के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। चलिए बताते हैं कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रजत शर्मा के तीखें सवाल पर क्या जवाब दिया।
पीएचडी करना चाहते हैं बागेश्वर बाबा
जब उनसे (बागेश्वर बाबा) पूछा गया कि वह किस विषय में पीएचडी करना चाहते हैं, तो धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘पीएचडी को लेकर हमारा उद्देश्य है कि कैम्ब्रिज या ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हो और भूतों पर हो। ये सुनकर के आप बहुत हंसेंगे। एक विषय अभी शुरू हुआ है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में भी, कैम्ब्रिज में भी और अमेरिका की बहुत सी यूनिवर्सिटीज़ में एक विषय हुआ है पैरानॉर्मल। पैरानॉर्मल का एक सब्जेक्ट स्टार्ट हुआ है। पैरानॉर्मल अदृश्य शक्तियां। भूतों के बारे में जानना, हमारा काम ही है भूत भगाना। इस देश में बहुत से लोग हमारे ऊपर उंगली उठाते हैं। इस देश में हमारे ऊपर बहुत से लोग लांछन लगाते हैं। कहते हैं अंधविश्वास फैलाते हैं, और ख़ास करके महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कुछ सदस्यों ने हमारे ऊपर उंगली उठाई थी, तो उसी दिन हमने विचार कर लिया था। इसका प्रमाण पत्र भी लेकर के आएंगे और तथ्य के साथ में हम कार्य करेंगे। अभी गुरु के द्वारा ज्ञान से ये कर रहे हैं। विज्ञान को जोड़कर के पीएचडी करके पैरानॉर्मल पर काम करके लोगों की नकारात्मकता को दूर करेंगे।’
मरीशस के राष्ट्रपति का बाबा बागेश्वर ने निकाला पर्चा
रजत शर्मा द्वारा यह पूछे जाने पर कि जब उन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी, तो उन्होंने मॉरीशस के राष्ट्रपति का पर्चा कैसे निकाला, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने जवाब दिया, ‘मॉरीशस में वहां के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों से मिले थे। हमारे एक चेले ने कहा कि गुरुजी आप आशीर्वाद देंगे तो अच्छा रहेगा। हमारे दिमाग में था कि ये कैसे होगा। हमने हनुमान जी से निवेदन किया कि आप कृपा करो, लाज रखो। हमने गुरु महाराज से प्रार्थना की, प्रणाम किया और उन्होंने अद्भुत लाज रख ली। पहले उनके पीए ने 15 मिनट का वक्त दिया था जिसे बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया। वहां एक ट्रांसलेटर था। मुझसे पूछा गया कि क्या आपने पहले ही पर्चा बनाकर रख लिया? हमने कहा कि 15 मिनट में तो हमें यही समझ में आएगा कि बोल क्या रहे हैं, फिर हम क्या बोलेंगे। हमारा इंजन एक-डेढ़ घंटे में गरम होता है। तो फिर हमने हनुमान जी का नाम लिया, अपने गुरु भगवान का। उन्होंने लाज रख दी। हमने ट्रांसलेटर से कहा कि कह दो ऐसा–ऐसा लफड़ा है और ऐसा–ऐसा है। वह पर्चा बताने योग्य नहीं। जैसे ही मैंने ये कहा तो उन्होंने सिक्योरिटी से ‘गो, गो, गो, गो’ कहा और दरवाजा बंद कर दिया। हम तीनों वहां डेढ़ घंटे तक बैठे रहे। उन्होंने बढ़िया चाय-पानी पिलाया। हमने मन ही मन बाबा जी से कहा, जय बजरंग बली। ट्रांसलेटर बहुत खुश हुआ। उसने बाद में बताया कि हमको पहली बार पता लगा कि हमारे साहब के इतने राज हैं।’






































