
केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है, यानी पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था के स्लैब और दरें वही रहेंगी। हालांकि, सरकार ने सैलरी पाने वालों, आम आदमी और करदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए आयकर से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलावों का ऐलान किया है। इनका मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, अनुपालन आसान करना और अनावश्यक परेशानियों से राहत देना है।
जान लीजिए क्या दी राहत
मोटर एक्सीडेंट मुआवजे पर राहत
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा किसी व्यक्ति को दिए गए ब्याज को अब पूरी तरह आयकर से मुक्त किया जाएगा। साथ ही, इस पर टीडीएस की कटौती भी नहीं की जाएगी।
ओवरसीज टूर और एलआरएस पर टीसीएस में कटौती
सरकार ने विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले टीसीएस को मौजूदा 5% और 20% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव रखा है, वह भी बिना किसी न्यूनतम राशि की शर्त के। इसके अलावा, शिक्षा और मेडिकल खर्च के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम यानी LRS के तहत लगने वाला टीसीएस भी 5% से घटाकर 2% किया जाएगा।
मैनपावर सर्विसेज पर टीडीएस स्पष्ट
मैनपावर सप्लाई सेवाओं को अब स्पष्ट रूप से कॉन्ट्रैक्टर को किए जाने वाले भुगतान के दायरे में लाया जाएगा। इसके तहत इन सेवाओं पर टीडीएस की दर 1% या 2% ही लागू होगी, जिससे भ्रम की स्थिति खत्म होगी।
छोटे करदाताओं के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम
छोटे करदाताओं के लिए एक नई योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके तहत नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया के जरिए कम या शून्य टीडीएस कटौती का सर्टिफिकेट हासिल किया जा सकेगा। इसके लिए अब असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
Form 15G / 15H की प्रक्रिया होगी आसान
एक से ज्यादा कंपनियों में निवेश करने वाले करदाताओं की सुविधा के लिए डिपॉजिटरी को यह अधिकार दिया जाएगा कि वह निवेशक से Form 15G या Form 15H स्वीकार कर सीधे संबंधित कंपनियों तक पहुंचा सके।
रिटर्न संशोधन और फाइलिंग की समयसीमा में बदलाव
सरकार ने आयकर रिटर्न संशोधित करने की अंतिम तारीख को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव रखा है, हालांकि इसके लिए मामूली शुल्क देना होगा।
इसके अलावा, रिटर्न फाइल करने की समयसीमा को भी चरणबद्ध किया जाएगा:
- ITR-1 और ITR-2 भरने वाले व्यक्ति 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करेंगे
- गैर-ऑडिट बिजनेस केस और ट्रस्ट को 31 अगस्त तक का समय मिलेगा
एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीद पर टीडीएस प्रक्रिया आसान
गैर-निवासी यानी NRI से अचल संपत्ति खरीदने पर अब टीडीएस जमा करने के लिए खरीदार को TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। यह प्रक्रिया अब PAN आधारित चालान के जरिए पूरी की जा सकेगी।
विदेशी संपत्ति खुलासे के लिए विशेष योजना
छोटे करदाताओं जैसे छात्रों, युवा पेशेवरों, टेक कर्मचारियों और स्थानांतरित एनआरआई की व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए सरकार ने एक बार की 6 महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना लाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत तय सीमा से कम आय या संपत्ति का खुलासा किया जा सकेगा।








































