
भारतीय सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज की गई। राष्ट्रीय राजधानी में सोना ₹1,000 की तेजी के साथ ₹1,07,070 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जो अब तक का फ्रेश हाई लेवल है। 99.9% शुद्धता वाला सोना मंगलवार को ₹1,06,070 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इस तेजी के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका की आर्थिक अनिश्चितताओं जैसी कई बड़ी वजहें हैं। आपको बता दें कि सोने की कीमत में आज लगातार आठवें सत्र तेजी देखी गई।
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, दिल्ली के खुदरा बाजार में 99.5% शुद्धता वाला सोना लगातार आठवें कारोबारी सत्र में चढ़ा और ₹1,000 की तेजी के साथ ₹1,06,200 प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर पहुंच गया। बीते मंगलवार को यह ₹1,05,200 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
चांदी स्थिर, लेकिन रिकॉर्ड स्तर पर
चांदी की कीमतों में बुधवार को कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया, लेकिन यह ₹1,26,100 प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर स्थिर रही। यह भी चांदी का अब तक का उच्चतम स्तर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत बढ़कर 3,547.09 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई, जो इसका ऑल-टाइम हाई है। हालांकि, स्पॉट सिल्वर में मामूली गिरावट आई और यह 0.11% टूटकर 40.84 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी।
सेफ हेवन बना सोना
अबंस फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ चिंतन मेहता ने कहा कि सोने में लगातार मजबूती इसलिए बनी हुई है क्योंकि दुनिया भर में निवेशक इसे सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) विकल्प मान रहे हैं। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, रूस-यूक्रेन युद्ध से उपजा तनाव और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सुस्ती ने इस रैली को बल दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस हफ्ते OPEC+ की बैठक प्रस्तावित है। हाल ही में यूक्रेन के हमले से रूस की ऑयल प्रोसेसिंग क्षमता में 17% की गिरावट आई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे मुद्रास्फीति पर असर पड़ सकता है, जिससे डॉलर कमजोर और सोना और मजबूत हो सकता है।
फेड रेट कट की उम्मीद से मिल रहा सपोर्ट
वेंचुरा सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च हेड एन. एस. रामास्वामी ने कहा कि सोने की मौजूदा तेजी महज महंगाई से सुरक्षा नहीं, बल्कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती की ओर भी इशारा कर रही है। ट्रम्प प्रशासन की टैरिफ नीति और मौजूदा वैश्विक व्यापारिक तनाव भी इस तेजी को बढ़ावा दे रहे हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा कि बाजार की नजर अब शुक्रवार को आने वाले अमेरिका के बेरोजगारी और नॉन-फार्म पेरोल डेटा पर है। ये आंकड़े यह तय करेंगे कि फेड कितनी आक्रामक दर कटौती करेगा। इन उम्मीदों से सोने को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। अभी के बाजार मूड को देखकर यह कहना मुश्किल है कि प्रॉफिट बुकिंग कब शुरू होगी, क्योंकि फिलहाल निवेशक ‘सेफ एसेट’ में टिके रहना चाहेंगे।
गांधी ने यह भी बताया कि अमेरिकी प्रशासन अब टैरिफ विवाद में सुप्रीम कोर्ट से जल्द फैसला चाहता है, क्योंकि पिछले सप्ताह एक अपीलीय अदालत ने टैरिफ को अवैध करार दिया था। इससे वैश्विक व्यापार अस्थिरता और निवेशकों की चिंता बढ़ी है और यही वजह है कि सोने की मांग बढ़ती जा रही है।







































