
दुनिया में भारी तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार बुधवार को तेजी के साथ बंद हुआ। कारोबार के आखिर में बीएसई सेंसेक्स 633.29 अंकों की तेज उछाल के साथ 76,704.13 के लेवल पर बंद हुआ। ठीक उसी समय, एनएसई का निफ्टी भी 196.65 अंक की बढ़त के साथ 23777.80 के लेवल पर बंद हुआ। एफएमसीजी और मेटल सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। रियल्टी, आईटी, ऑटो, मीडिया, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, टेलीकॉम और इंफ्रा सेक्टर में 1 से 3 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली।
खबर के मुताबिक, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 1.6 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। निफ्टी के टॉप गेनर्स में जियो फाइनेंशियल, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, इटरनल और एमएंडएम शामिल रहे। वहीं, गिरावट वाले शेयरों में कोल इंडिया, एनटीपीसी, एचयूएल, सिप्ला और सन फार्मा का नाम शामिल रहा।

एक्सपर्ट ने क्या कहा?
हालिया गिरावट के बाद अवसरवादी खरीदारी के चलते घरेलू शेयर बाजारों में रिकवरी का सिलसिला जारी रहा। बाजार में यह उछाल व्यापक रहा, जिसमें कई सेक्टरों में बढ़ोतरी देखने को मिली। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार, यह तेजी से शॉर्ट कवरिंग और वैल्यू बाइंग के मिश्रण से आई है। खास तौर पर आईटी, रियल्टी और ऑटो सेक्टर ने बाजार की प्राप्ति की, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
भारतीय रुपया 23 पैसे टूटा
मजबूत अमेरिकी डॉलर और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के दबाव में बुधवार को भारतीय रुपया 23 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.63 (अस्थायी) के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की धारणा को और कमजोर किया। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज बाजार में रुपया 92.42 के स्तर पर खुला और अधिकांश सत्र के दौरान 92.41 से 92.48 के दायरे में कारोबार करता रहा। हालांकि, कारोबार के अंतिम चरण में इसमें तेज गिरावट आई और यह 92.63 (अस्थायी) के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 23 पैसे की गिरावट दर्शाता है। कारोबार के दौरान रुपया 92.65 के रिकॉर्ड इंट्रा-डे निचले स्तर तक भी फिसल गया। इससे पहले मंगलवार को रुपया 92.47 के इंट्रा-डे निचले स्तर तक पहुंचा था और अंततः 92.40 के अब तक के सबसे निचले बंद स्तर पर बंद हुआ था।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
वैश्विक बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता कम होने के संकेतों के बीच बुधवार को वायदा कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर क्रूड ऑयल 137 रुपये या 1.54 प्रतिशत गिरकर 8,734 रुपये प्रति बैरल पर आ गया। मार्च डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट में यह गिरावट 5,244 लॉट के कारोबार के साथ दर्ज की गई। वहीं, अप्रैल डिलीवरी वाला कॉन्ट्रैक्ट भी 98 रुपये या 1.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,746 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिसमें 14,676 लॉट का कारोबार हुआ।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई से जुड़ी चिंताओं में कमी के संकेतों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट का रुख देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड का मई डिलीवरी वाला वायदा 0.62 प्रतिशत गिरकर 102.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि न्यूयॉर्क में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.56 प्रतिशत गिरकर 94.04 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।






































