
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारियों के लिए सैलरी में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने मंगलवार को अधिकांश कर्मचारियों के लिए 4.5% से 7% के बीच वेतन वृद्धि की घोषणा की है। हालांकि सीनियर कर्मचारियों के लिए वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई है। गौर करने वाली बात यह भी है कि कंपनी ने बीते चार सालों में यह सबसे कम बढ़ोतरी की है। यह फैसला कंपनी द्वारा जुलाई में की गई अब तक की सबसे बड़ी छंटनी के बाद सामने आया है। कंपनी AI आधारित ऑटोमेशन और कॉस्ट कटिंग स्ट्रैटेजी पर आगे बढ़ रही है।
1 सितंबर से प्रभावी मानी जाएगी
सूत्रों के मुताबिक, सोमवार देर शाम से ही कंपनी ने कर्मचारियों को वेतन वृद्धि से संबंधित लेटर भेजना शुरू कर दिया है। यह वृद्धि 1 सितंबर से प्रभावी मानी जाएगी। कंपनी की ओर से भेजे गए ईमेल के आधिकारिक जवाब का अभी इंतजार है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पिछले चार वर्षों की सबसे कम वेतन वृद्धि की घोषणा की है। यह फैसला कंपनी द्वारा जुलाई में की गई अब तक की सबसे बड़ी छंटनी के बाद सामने आया है, जिससे संकेत मिलता है कि TCS अब AI आधारित ऑटोमेशन और कॉस्ट कटिंग रणनीति की ओर तेजी से बढ़ रही है।
फैसलों को लेकर चर्चा में रही है कंपनी
पिछले दो महीने से एचआर संबंधी फैसलों से कंपनी चर्चा में है। पिछले कुछ महीनों से टीसीएस लगातार मानव संसाधन (एचआर) से जुड़े फैसलों को लेकर चर्चा में रही है। पहले मार्केट की अनिश्चितता के चलते वेतन वृद्धि स्थगित की गई। फिर, अचानक कंपनी ने 2% कर्मचारियों (करीब 12,000 लोगों) की छंटनी का एलान किया। और अब, 80% कर्मचारियों को वेतन वृद्धि देने का फैसला किया गया है।
टॉप परफॉर्मर्स को मिला 10% से ज्यादा हाइक
सूत्रों का यह भी कहना है कि निचले से मध्य स्तर तक के अधिकांश कर्मचारी वेतन वृद्धि के पात्र रहे हैं। वहीं, टॉप परफॉर्मर्स को 10% से अधिक की वेतन वृद्धि दी गई है। TCS ने जून 2025 की तिमाही में 13.8% का एट्रिशन रेट दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही की तुलना में थोड़ा बढ़ा है। कंपनी ने इसे अपने “कम्फर्ट ज़ोन” (11–13%) से थोड़ा ऊपर माना है।



































