
भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई अब डिजिटल पेमेंट का सबसे प्रमुख और विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, UPI देश के लगभग 85% डिजिटल ट्रांजेक्शन को संभाल रहा है, और वैश्विक स्तर पर भी यह रीयल-टाइम पेमेंट में करीब 49-50% पेमेंट के साथ सबसे बड़ा सिस्टम है। यूजर्स की संख्या और ट्रांजेक्शन वॉल्यूम में लगातार बढ़ोतरी के साथ ही फिशिंग, UPI फ्रॉड, गलत अकाउंट ट्रांसफर और तकनीकी इकाइयों का जोखिम भी बढ़ गया है। इसलिए हर ट्रांजेक्शन के दौरान जुर्माना और सुरक्षा उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। अगर कोई समस्या आ जाए, जैसे पैसा कट गया लेकिन रिसीव करने वाले को नहीं पहुंचा, गलत UPI ID में चला गया, या फ्रॉड हुआ तो घबराएं नहीं। आप आसानी से से शिकायत दर्ज कराकर अपना पैसा वापस पा सकते हैं।
ये रहे प्रमुख तरीके
UPI ऐप के माध्यम से से शिकायत दर्ज करें (सबसे तेज और आसान)
जिस ऐप (Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM आदि) से ट्रांजेक्शन किया, उसे खोलें। ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में संबंधित ट्रांजेक्शन चुनें।
“Report Issue”, “Raise Complaint” या “Help” विकल्प पर क्लिक करें।
समस्या का प्रकार चुनें और डिटेल्स भरकर भेजें।
ज्यादातर मामलों में बैंक/ऐप 3-5 कार्य दिवसों में जांच शुरू कर देता है।
बैंक से संपर्क करें
- अपने बैंक की कस्टमर केयर हेल्पलाइन पर कॉल करें या ब्रांच जाएं।
- बैंक की आधिकारिक मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन कर “Raise Complaint” सेक्शन में शिकायत दर्ज करें।
- ट्रांजेक्शन आईडी (UTR), राशि, तारीख और कॉलम जैसे प्रमाण जरूर संलग्न करें।
NPCI के विवाद निवारण तंत्र के माध्यम से शिकायत
- NPCI की आधिकारिक वेबसाइट (npci.org.in) पर जाएं।
- “हम क्या करते हैं” – “UPI” – “विवाद निवारण तंत्र” पर क्लिक करें।
- “शिकायत” सेक्शन में “Transaction” चुनें।
- ट्रांजेक्शन का प्रकार (P2P, P2M आदि) और समस्या (गलत ट्रांसफर, असफल लेकिन डेबिट, धोखाधड़ी आदि) चुनें।
- ट्रांजेक्शन डिटेल्स, UPI ID, राशि, तारीख और ईमेल भरकर भेजें। आपको एक कंप्लेंट रेफरेंस नंबर (CRN) मिलेगा, जिससे स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
- वैकल्पिक रूप से: NPCI हेल्पलाइन 1800-120-1740 (24×7) पर कॉल करें।
अगर 30 दिनों में समाधान न मिले, तो….
आरबीआई की तरफ से RBI की कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) पोर्टल cms.rbi.org.in पर शिकायत दर्ज करें। यह RBI का इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन स्कीम है, जहां मुफ्त में शिकायत की जा सकती है।
UPI फ्रॉड और गलत से बचाव के जरूरी टिप्स
- अनजान लिंक, मैसेज या कॉल पर कभी क्लिक/शेयर न करें।
- OTP, UPI PIN, बैंक डिटेल्स या कार्ड जानकारी किसी से साझा न करें।
- ‘Collect Request’ आने पर रिसीवर का नाम, राशि और UPI ID दोबारा जांच लें।
- पेमेंट करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम स्क्रीन पर दिखाई देता है-उसे जरूर वेरिफाई करें।
- केवल Google Play/App Store से ऐप्स डाउनलोड करें और पब्लिक Wi-Fi पर ट्रांजेक्शन से बचें।
- नियमित रूप से ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक करें और संदिग्ध एक्टिविटी पर तुरंत ऐप/बैंक को सूचित करें।







































