
होम सर्विसेस प्लेटफॉर्म ‘अर्बन कंपनी’ का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) 10 सितंबर, बुधवार से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इसके पहले ही ग्रे मार्केट में शेयरों की मांग बढ़ी नजर आ रही है। लाइवमिंट की खबर के मुताबिक, आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) ₹28 प्रति शेयर तक पहुंच चुका है, जो निवेशकों के बीच मजबूत विश्वास और संभावित लिस्टिंग गेन की ओर इशारा करता है। इस आईपीओ का अपर प्राइस बैंड ₹103 प्रति शेयर तय किया गया है।
संभावित लिस्टिंग प्राइस कितना हो सकता है
मौजूदा जीएमपी को जोड़ें तो संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹136 प्रति शेयर हो सकता है। यानी निवेशकों को लगभग 27.18% का लिस्टिंग प्रीमियम मिल सकता है, अगर बाजार का रुझान स्थिर रहता है। अर्बन कंपनी इस इश्यू के जरिए कुल ₹1,900 करोड़ की पूंजी जुटाएगी। साथ ही यह ₹472 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा, इसमें कंपनी नए शेयर जारी करेगी। इसमें ₹1,428 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) है, जिसमें मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेचेंगे। अर्बन कंपनी के आईपीओ का प्राइस बैंड: ₹98 – ₹103 प्रति शेयर तय किया गया है।
लॉट साइज और न्यूनतम निवेश राशि
इस आईपीओ में रिटेल निवेशक को 1 लॉट में 145 शेयर अलॉट किए जाएंगे जिसके लिए कम से कम ₹14,935 रुपये की बोली लगानी होगी। इसी तरह, छोटे गैर-संस्थागत निवेशकों को 14 लॉट में 2,030 शेयर अलॉट होंगे जिसके लिए करीब ₹2 लाख लगाने होंगे और बड़े गैर-संस्थागत निवेशक को 67 लॉट में 9,715 शेयर अलॉट होंगे जिसके लिए कम से कम ₹10 लाख की बोली लगानी होगी।
आईपीओ से जुटाई राशि कहां खर्च होगी?
अर्बन कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल नई टेक्नोलॉजी और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में, ऑफिस लीज और किराये के खर्चों के लिए, ब्रांड प्रमोशन व मार्केटिंग गतिविधियों के लिए और अन्य जनरल कॉरपोरेट उपयोगों के लिए करेगी।
क्या होता है आईपीओ
जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम जनता को बेचने का फैसला करती है, तो उसे आईपीओ यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग कहा जाता है। इसका मतलब यह होता है कि कंपनी निजी से सार्वजनिक बन जाती है और उसके शेयर शेयर बाजार में जैसे NSE या BSE पर लिस्ट हो जाते हैं।








































