
गड्ढे में भरा पानी निकलता बुजुर्ग
शिवगंगाः तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के एक गांव की ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर आप सिस्टम को धिक्कारेंगे। वीडियो देख आप कल्पना भी नहीं कर सकेंगे कि क्या यह 21वीं सदी है..हकीकत यही है हम आप 21वीं सदी के ऐसे समय में जी रहे हैं जहां AI का युग है और आधुनिक चीजों से लैस पूरा समाज है। लेकिन शिवगंगा जिले का नादगुडी गांव पूरे सिस्टम की पोल खोल रहा है और विकास के सारे दावों को नकार रहा है।
गांव में 5 हजार से ज्यादा रहते थे लोग
जानकारी के अनुसार, शिवगंगा का नादगुडी गांव, जहां कभी 5,000 से ज़्यादा लोग रहते थे, पीने के पानी की लगातार कमी के कारण वीरान हो गया है। कई वर्षों से, यहां पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे समुदाय को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अंततः इस संकट से निपटने में असमर्थ होकर अधिकांश निवासी गांव छोड़कर दूसरे जगह पर चले गए। गांव में सिर्फ गिने-चुने लोग ही बचे हैं। गांव में जब आप जाएंगे घर टूटे-फूटे हालत में तो मिलेंगे लेकिन दूर-दूर तक इंसान नजर नहीं आएगा।
जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर है गांव
गांव के रहने वाले थंगराज ने बताया कि हमारे गांव का नाम नादगुडी है। यह शिवगंगा से 15 किलोमीटर दूर स्थित है। कुछ समय पहले तक यहां लोग रहते थे। पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण, परिवार धीरे-धीरे गांव से पलायन करने लगे। हाल ही में, गांव में दो हत्याएं हुईं। इससे बचे हुए परिवार असुरक्षित महसूस करने लगे और उन्होंने भी गांव छोड़ दिया। मैं ज़िला कलेक्टर और मुख्यमंत्री से विनम्र निवेदन करता हूं कि वे हमारे गांव में उचित सुरक्षा, पीने का पानी और स्कूल की सुविधाएं उपलब्ध कराएं, ताकि हमारे लोग वापस आकर यहां अपना जीवन फिर से शुरू कर सकें। ग्रामीण का कहना है कि पेयजल की कमी की वजह से लोग अपना सब कुछ छोड़कर चले गए और यह गांव वीरान हो गया है।
इनपुट- एएनआई






































